Jitendra Awhad Viral Video: महाराष्ट्र की राजनीति के दिग्गज नेता जितेंद्र आव्हाड एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं। मुंब्रा-कलवा से विधायक आव्हाड का एक लीक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे विकास कार्यों पर बोलने के बाद कैमरे के सामने अपनी परफॉर्मेंस को 'नाटक' करार देते सुनाई दे रहे हैं।
वायरल वीडियो और 'अनकट' क्लिप का सच सोशल मीडिया पर वायरल हो रही यह क्लिप विधायक जितेंद्र आव्हाड के एक पुराने इंटरव्यू या वीडियो संदेश का हिस्सा जान पड़ती है। वीडियो के मुख्य हिस्से में आव्हाड अपने निर्वाचन क्षेत्र मुंब्रा-कलवा में हुए बड़े बदलावों के बारे में बात कर रहे हैं।
वे बताते हैं कि मुंब्रा कभी आठ-आठ दिनों तक अंधेरे में डूबा रहता था और वहां बिजली की आपूर्ति बेहद अनिश्चित थी। इस समस्या को हल करने के लिए कम से कम 100 करोड़ रुपये का निवेश किया गया, जिसके परिणामस्वरूप आज मुंब्रा में बिना किसी कटौती के बिजली मिल रही है।
हालांकि, विवाद वीडियो के अंत में शुरू होता है, जो हिस्सा शायद एडिट (Cut) किया जाना था। आव्हाड मराठी में कहते हुए सुनाई देते हैं, "क्या कैमरे पर कोई और इतना ड्रामा कर सकता है?" इसके तुरंत बाद वे यह भी जोड़ते हैं, "बिना किसी रीटेक के।"
मुंब्रा को जितेंद्र आव्हाड का मजबूत गढ़ माना जाता है, जहां से वे चार बार विधायक चुने जा चुके हैं। हाल के दिनों में एआईएमआईएम (AIMIM) की नई निर्वाचित पार्षद सहर शेख ने उन्हें चुनावी शिकस्त और विकास के मुद्दों पर चुनौती दी है। सहर शेख, जो आव्हाड के पूर्व करीबी सहयोगी यूनुस शेख की बेटी हैं, उनके और आव्हाड के बीच जुबानी जंग पहले ही तेज है। ऐसे में इस 'ड्रामा' वाले बयान ने विपक्ष को एक बड़ा मुद्दा दे दिया है। आलोचकों का कहना है कि यह वीडियो साबित करता है कि विकास के दावे केवल जनता को रिझाने के लिए की गई एक सोची-समझी 'एक्टिंग' मात्र हैं।
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वीडियो में आव्हाड ने दावा किया था कि मुंब्रा में बिजली की स्थिति में सुधार केवल पैसे से नहीं, बल्कि लोगों की 'मानसिकता में बदलाव' लाने से हुआ है। लेकिन वीडियो लीक होने के बाद अब उनकी इसी ईमानदारी पर सवाल उठ रहे हैं। ठाणे की राजनीति में जहां एक तरफ मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे 'भगवा' का परचम लहराने की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आव्हाड जैसे कद्दावर नेता का अपनी ही बातों को कैमरे पर ड्रामा कहना उनकी साख को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, उनके समर्थकों का तर्क है कि यह एक मजाक था जिसे गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है।