डोंबिवली औद्योगिक प्रेसवार्ता (सोर्सः सोशल मीडिया)
ठाणे

डोंबिवली MIDC में कंपनियों के अस्तित्व पर संकट, 542 इंडस्ट्रीज़ को मार्जिनल स्पेस के इस्तेमाल को लेकर नोटिस

Dombivli Industrial Issues: डोंबिवली MIDC में मार्जिनल स्पेस के इस्तेमाल को लेकर करीब 542 कंपनियों को तोड़फोड़ के नोटिस दिए गए हैं। KAMA ने कार्रवाई रोककर समाधान निकालने की मांग की।

अशोक वर्मा, आंचल लोखंडे

Dombivli MIDC Demolition Notice: डोंबिवली MIDC में करीब 542 कंपनियों को मार्जिनल स्पेस के इस्तेमाल को लेकर तोड़फोड़ का नोटिस दिया गया है, जिससे एंटरप्रेन्योर्स में चिंता है। कल्याण अंबरनाथ मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (KAMA) के प्रेसिडेंट नारायण माने ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि अगर संबंधित कंस्ट्रक्शन नहीं हटाए गए तो 24 घंटे के अंदर तोड़फोड़ की कार्रवाई की जा सकती है।

उन्होंने मांग की कि इन नोटिस को तुरंत निरस्त किया जाए और इंडस्ट्रीज़ की समस्याओं का कोई प्रैक्टिकल सॉल्यूशन निकाला जाए। इस मौके पर KAMA प्रेसिडेंट नारायण माने, वाइस प्रेसिडेंट दीपक विश्वनाथन, श्रीकांत जोशी, संजीव कोटकर, देवेन सोनी, राजू बैलूर समेत पदाधिकारी और सदस्य मौजूद थे।

डोंबिवली औद्योगिक प्रेसवार्ता

‘KAMA’ ने की तोड़फोड़ का काम रोकने की मांग

इस बारे में नारायण माने ने कहा कि संबंधित इंडस्ट्रीज़ के प्लॉट की बाउंड्री के अंदर मार्जिनल स्पेस का इस्तेमाल किया गया है। इसलिए, इसे सिर्फ़ बिना इजाज़त इस्तेमाल के तौर पर देखने के बजाय, इंडस्ट्री के लिए इसकी ज़रूरत, सुरक्षा और असल इस्तेमाल की जांच करना ज़रूरी है।

कई इंडस्ट्रीज़ में इस जगह का इस्तेमाल कूलिंग टावर, DG सेट, ETP, बिजली के मीटर रूम, सिक्योरिटी केबिन और दूसरी ज़रूरी सुविधाओं के लिए किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि अगर इन स्ट्रक्चर को अचानक हटा दिया जाता है, तो एनवायरनमेंटल नियमों का पालन, फायर सेफ्टी और रोज़ाना के प्रोडक्शन प्रोसेस पर असर पड़ सकता है, जिससे इंडस्ट्री बंद होने की स्थिति बन सकती है।

इंडस्ट्रीज़ की कॉम्पिटिटिवनेस पर असर

‘KAMA’ ने कहा कि डोंबिवली MIDC में सड़कें, स्ट्रीट लाइट, पानी की सप्लाई, ड्रेनेज, पार्किंग, फायर सेफ्टी सुविधाएं, बार-बार बिजली जाना और प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ना जैसे मुद्दे भी गंभीर हैं। संगठन ने दावा किया कि इन समस्याओं से प्रोडक्शन की लागत और इंडस्ट्रीज़ की कॉम्पिटिटिवनेस पर असर पड़ रहा है।

‘KAMA’ ने एक बड़ी मांग यह की है कि करीब 542 इंडस्ट्रीज़ को जारी किए गए तोडू कार्रवाई के नोटिस तुरंत सस्पेंड किए जाएं। उद्यमी फायर सेफ्टी और दूसरे नियमों का पालन करने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन संगठन ने तर्क दिया कि इंडस्ट्रीज़ के दशकों पुराने स्ट्रक्चर, छोटे प्लॉट और प्रोडक्शन प्रोसेस की असलियत को ध्यान में रखते हुए नियमों को धीरे-धीरे और प्रैक्टिकल तरीके से लागू किया जाना चाहिए।

सिर्फ़ स्ट्रक्चर गिराने के बजाय, जहां भी हो सके सुधार, सुरक्षा और रेगुलराइज़ेशन का रास्ता अपनाया जाना चाहिए। ‘KAMA’ ने कहा है कि डोंबिवली MIDC में इंडस्ट्रीज़ को बनाए रखने का मतलब है रोज़गार, इन्वेस्टमेंट और इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम की रक्षा करना।

ECI-SIR Row : मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला; आज क्या-क्या हुआ?

SIR Row: इधर विपक्ष मांग रहा ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, उधर BJP ने बताया पद्म भूषण का हकदार

PM मोदी की मॉर्फ्ड फोटो विवाद पर हाई कोर्ट का एक्शन, Meta से आपत्तिजनक कंटेंट हटाने को कहा; CJP को भी नोटिस

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका, SIR के फैसलों को गैरकानूनी घोषित करने की मांग

बृजभूषण केस में नया मोड़! पहलवानों ने फिर खटखटाया कोर्ट का दरवाजा, निचली अदालत के फैसले को चुनौती