Samarth Heights Controversy Dombivli: ठाणे जिले के डोंबिवली में अवैध निर्माण का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) की कार्रवाई को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि एक अवैध इमारत की शिकायत होने के बावजूद केडीएमसी प्रशासन दूसरी इमारत पर कार्रवाई करने पहुंच गई, जिससे कुछ देर के लिए बवाल मच गया। आयरेगांव के टावरीपाड़ा स्थित 'मल्हार हाइट्स' नामक एक इमारत के खिलाफ शिकायत की गई थी। उस समय केडीएमसी की तत्कालीन आयुक्त इंदुराणी जाखड़ और तत्कालीन सहायक आयुक्त संजय कुमावत के कार्यकाल में यह मामला सामने आया था।
बताया जाता है कि जांच पूरी किए बिना ही प्रशासन ने 'मल्हार हाइट्स' की जगह 'समर्थ हाइट्स' नाम की दूसरी इमारत पर कार्रवाई करने पहुंच गई, जिससे इलाके में भ्रम और तनाव की स्थिति पैदा हो गई। हालांकि हंगामे के बाद कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि जिस इमारत की शिकायत की गई थी, उसे छोड़कर दूसरी को निशाना बनाने की कोशिश क्यों की गई।
कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका के सहायक आयुक्त भरत पवार के अनुसार डोंबिवली पूर्व की 'मल्हार हाइट्स' इमारत को अवैध घोषित किया गया है। इस मामले में जमीन मालिक स्व। बालाराम केणे और करारधारक निलेश पाटील, निलेश केणे व पवन के खिलाफ थाने में मामला दर्ज किया गया है। बताया जाता है कि, मल्हार हाइट्स में रहने वाले लगभग 40 परिवारों को घर खाली करने के नोटिस दिए गए हैं।
अब प्रशासन ने इन दोनों इमारतों पर कार्रवाई के संकेत दिए हैं। केडीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने समर्थं हाइट्स में भी खामियां बताया और कहा कि केडीएमसी प्रशासन दोनों पर कार्रवाई करेगी, बता दें कि इन दोनों इमारतों में करीब 100 परिवार रहते हैं। यदि तोड़फोड़ कार्रवाई होती है, तो इतने परिवारों के सामने छत का संकट खड़ा हो सकता है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि शिकायत 'मल्हार हाइट्स' की थी, फिर 'समर्थ हाइट्स' पर कार्रवाई की कोशिश क्यों कि गई? इस पूरे प्रकरण ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासनिक गलती की सजा आम लोगों की नहीं मिलनी चाहिए।