Thane TDR Scam Sanjay Gandhi National Park: ठाणे शहर से सटे संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान सीमा में 2,800 करोड़ रुपये के टीडीआर घोटाले को लेकर ठाणे महानगरपालिका चौतरफा घिर रही है। इस मामले में कॉक्रोच जनता पार्टी भी आक्रामक भूमिका अपना रही है। जून महीने में होने वाली मनपा की आम सभा में सभी दलों के नगरसेवकों ने इस मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाने की तैयारी की है। जिसको लेकर मनपा सदन में एक बार फिर हंगामा होने की संभावना जतायी जा रही है।
गौरतलब हो कि संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र के चितलसर-मानपाड़ा इलाके में करीब 193 एकड़ जमीन पर मेसर्स डी। दह्याभाई एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड मालिकाना अधिकार का दावा किया था। जबकि राज्य सरकार कह रही थी कि यह जमीन वन क्षेत्र है।
इस जमीन पर पिछले 50 साल से भी अधिक समय से कानूनी विवाद चल रहा था। इस बीच, ठाणे महानगरपालिका ने इस जमीन में से करीब 100 एकड़ जमीन उद्यान के लिए रिजर्व कर दी। आरक्षण की वजह से जमीन का उपयोग विकास कार्यों के लिए नहीं किया जा सकता था, इसलिए कंपनी ने बदले में डेवलपमेंट ट्रांसफर राइट्स (टीडीआर) मांगा। इस टीडीआर की संभावित कीमत करीब 2,800 करोड़ रुपये है।
मुंबई उच्च न्यायालय ने यह मानते हुए कि जमीन प्राइवेट है, इसलिए जमीन के मालिक मेसर्स डी. दह्याभाई एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड को अधिकार बनाए रखने का आदेश दिया। अदालत ने ठाणे महानगरपालिका को 21 दिनों के अंदर डेवलपमेंट राइट्स सर्टिफिकेट (डीआरसी/टीडीआर) के रूप में कानूनी मुआवजा देने का भी आदेश दिया।
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ठाणे मनपा ने मुंबई उच्च न्यायलय के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती भी दी। लेकिन ठाणे मनपा और मेसर्स डी। दह्याभाई कंपनी के बीच हुए समझौते पर ध्यान देते हुए, कोर्ट ने विशेष अनुमति याचिका का निपटारा कर दिया, याचिका का निपटारा होने के बाद मनपा प्रशासन पर कई सवाल उठ रहे हैं।
काँक्रोच जनता पार्टी संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर किए गए अपने पोस्ट में कहा है कि "वन विभाग को सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का मौका दिए बिना ठाणे में 2,800 करोड़ रुपये के टीडीआर (ट्रांसफर ऑफ डेवलपमेंट राइट्स) प्रस्ताव का रास्ता साफ कर दिया गया।
2,800 करोड़ रुपये के टीडीआर को लेकर विधायक संजय केलकर, डॉ. जितेंद्र आव्हाड सहित अन्य पार्टियों के नेता मनपा प्रशासन पर हमलावर है। मनपा सदन में इस मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाने की तैयारी भाजपा एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) सहित अन्य पार्टी के नगरसेवकों ने की है। जिसको देखते हुए हुए संभावना जतायी जा रही है कि मनपा की पांचवीं महासभा में भी हंगामा हो सकता है।