Thane BJP Mayor: ठाणे महानगरपालिका में एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। वन मंत्री गणेश नाईक के बयान के बाद अब शहर के वरिष्ठ भाजपा विधायक संजय केलकर ने भी साफ कह दिया है कि “ठाणे मनपा में महापौर भाजपा का ही होना चाहिए।”
संजय केलकर ने कहा कि यह सिर्फ पार्टी की नहीं, बल्कि हर भाजपा कार्यकर्ता की इच्छा है। सोमवार को उन्होंने मनपा आयुक्त सौरव राव से मुलाकात की और शहर के उद्यानों की हालत को लेकर चर्चा की। बाद में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कई तीखे बयान दिए। इस मौके पर विधायक निरंजन डावखरे भी मौजूद थे।
विधायक केलकर ने कहा कि ठाणे जिले में कुछ अधिकारी ईमानदारी से काम कर रहे हैं, लेकिन कई ऐसे हैं जो भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। उनके खिलाफ जांच जारी है और जल्द ही कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, “मैं ठाणे मनपा का चौकीदार हूं, ताकि प्रशासन साफ-सुथरा काम करे।”
केलकर ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सत्ता की राजनीति नहीं बल्कि जवाबदेही की राजनीति करती है। उन्होंने नंदलाल समिति की जांच में देरी पर भी नाराजगी जताई। कहा कि ठाणे मनपा में तोड़फोड़ और निर्माण दोनों के लिए पैसे लिए जाते हैं। यह प्रथा खत्म करनी ही होगी।
हाल ही में राजमाता जिजाऊ उद्यान को लेकर भाजपा पदाधिकारियों और मनपा अधिकारियों के बीच टकराव हुआ था। इस पर विधायक केलकर ने सोमवार को आयुक्त सौरव राव से मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की। आयुक्त ने उन्हें उद्यान के विकास का नक्शा दिखाया और बताया कि 4 करोड़ रुपये की राशि राज्य सरकार से स्वीकृत हुई है।
केलकर ने सुझाव दिया कि उद्यान का रखरखाव किसी एनजीओ के माध्यम से कराया जाए ताकि उसकी सुंदरता और साफ-सफाई बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि उद्यान में राजमाता जिजाऊ का तैलचित्र तुरंत लगाया जाए और बाद में प्रतिमा की स्थापना की जाए। आयुक्त राव ने इस सुझाव पर सहमति जताई।
संजय केलकर के बयान ने ठाणे की राजनीति में हलचल मचा दी है। साफ संकेत हैं कि भाजपा मनपा चुनाव से पहले संगठन को एकजुट कर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।