भिवंडी मनपा (सौ. सोशल मीडिया ) 
ठाणे

Bhiwandi Municipal Election: सपा हाशिए पर, भाजपा-शिवसेना और कांग्रेस का बढ़ा दबदबा

Thane: भिवंडी मनपा चुनाव में सियासी समीकरण तेजी से बदले हैं। सपा कमजोर पड़ी है, कांग्रेस-भाजपा-शिवसेना मजबूत हुई हैं, वहीं नियमों की अनदेखी और 6 निर्विरोध जीत ने चुनावी पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए है।

अपूर्वा नायक

Bhiwandi News In Hindi: महानगर पालिका आम चुनाव में सभी राष्ट्रीय दल, क्षेत्रीय पार्टियों एवं स्थानीय आघाड़ी द्वारा उम्मीदवार घोषित किये गए हैं। चुनाव के पहले भिवंडी (पूर्व) विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी का वर्चस्व था, वहां अब कांग्रेस, भाजपा शिवसेना ने दबदचा बना लिया है।

सपा विधायक रईस शेख के कारनामों से समाजवादी पार्टी हाशिए पर आ चुकी है। बावजूद विधायक रईस शेख सपा के साथ ही खड़ा होने का दावा करते हुए विरोधियों की बातों को दरकिनार कर सपाई होने का वीडियो वायरल कर रहे हैं।

गौरतलब हो कि, मनपा चुनाव में सपा प्रत्याशियों को दरकिनार कर कांग्रेस प्रत्याशियों को समाजवादी पार्टी विधायक रईस शेख का समर्थन मिलने से मुस्लिम बहुल क्षेत्र में दूसरे दल काफी पिछड़ गए हैं।

हिंदू बहुल सीटों पर भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट) ने चढ़त बना ली है, क्यूंकि उनके सभी उम्मीदवार साम, दाम, दंड, भेद की राजनीति अपना रहे हैं। नियम कानून की धज्जियां उड़ाते हुए भाजपा के 6 उम्मीदवार निर्विरोध जीत हासिल कर चुके हैं। आगे चुनाव के दौरान वोटरों की माया राम जाने क्या होने वाली है।

नियमों को धता बताते हुए महायुति के 6 निर्विरोध

भिवंडी (पश्चिम) विधानसभा क्षेत्र में भाजपा शिवसेना (शिंदे गुट) का सीधा मुकाबला पूर्व महापौर विलास पाटिल, जावेद दलवी और कांग्रेस से होने जा रहा है। भिवंडी के 2 बार प्रथम नागरिक का गौरव प्राप्त कर चुके पूर्व मेयर विलास आर पाटिल द्वारा की पार्टी कोणार्क विकास आघाड़ी और जावेद दलवी द्वारा स्थापित भिवंडी विकास आघाडी अपने कुनबे के साथ चुनाव मैदान में है जो विधायक महेश बौगुले नेतृत्वयवाली भाजपा से सीधे टक्कर देने जा रही है, भिवडी (पश्चिम) में सभी पार्टियों द्वारा चुनाव मैदान में उतारे गए हिंदू मुस्लिम, दोनों समुदायों के बीच के उम्मीदवार जीत की खातिर साम, दाम दंड के सहारे चुनाव लड़ रहे है बावजूद भिवंडी विकास से कोसों दूर है।

मनपा चुनाव में पैसा देख कर उम्मीदवारों का किया चयन

  • अधिसंख्यक वोटरों का कहना है कि, तमान राजनैतिक दलों ने उम्मीदवारों का चयन सिर्फ पैस्त, राजनीति को देखकर किक है, जिनका शहर विकास और आम लोगों की मूलभूत समस्याओं के निराकरण की कोई समझ ही नहीं है। मनपा चुनाव में जनता से जुड़े हुए मुद्दों पर चर्चा न होते हुए सिर्फ नेता और उनके स्थापित कुनबों पर चर्चा की जा रही है।
  • तमाम प्रत्याशी 15 जनवरी को होने वाले भिवंडी मनपा चुनाव में अपने पक्ष में वोट देने का प्रचार कर रहे हैं। निदलीय उम्मीदवारों ने भी कई वाड़ों में राजनीतिक दली के प्रत्याशियों की नाक में दम करते हुए रातों की नींद हराम कर दी है। देखना दिलचस्प होगा कि मनपा चुनाव का ऊट किस राजनीतिक दल के पक्ष में बैठता है।

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