भिवंडी महानगरपालिका (सोर्स: सोशल मीडिया) 
ठाणे

भिवंडी में किसका होगा मेयर? 20 फरवरी को चुनाव, भाजपा-शिवसेना आमने-सामने; कांग्रेस भी बहुमत से दूर

Bhiwandi Mayor Election: भिवंडी मनपा में 20 फरवरी को मेयर-डिप्टी मेयर चुनाव होगा। किसी दल के पास बहुमत नहीं। 46 वोट जरूरी हैं। भाजपा-शिवसेना अलग मैदान में है तो एनसीपी साइलेंट है।

आकाश मसने

Bhiwandi Municipal Corporation Political Equation: ठाणे जिले की भिवंडी महानगरपालिका के मेयर, डिप्टी मेयर का चुनाव 20 फरवरी को होने जा रहा है। बहुमत के आंकड़े से सभी दल कोसों दूर हैं। सर्वाधिक नगरसेवकों वाली पार्टी कांग्रेस और दूसरी पार्टी भाजपा भी बगैर किसी दल से गठजोड़ किए मेयर, डिप्टी मेयर बनाए जाने की हालत में नहीं है। कांग्रेस, भाजपा, सेना, कोणार्क विकास आघाड़ी, भिवंडी विकास मंच प्रत्याशियों ने दोनों पदों की खातिर नामांकन दाखिल किया है।

मेयर, डिप्टी मेयर चुने जाने की लिए 46 नगरसेवकों के वोट की जरूरत होती है जो अन्य किसी दल के गठबंधन के बगैर कदापि संभव नहीं है। महायुति में शामिल भाजपा, शिवसेना ने अलग अलग प्रत्याशी मैदान में उतारकर महायुति में बिगाड़ी का संदेश दिया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के 12 नगरसेवकों ने चुनाव में प्रत्याशी नहीं उतारकर साइलेंट की भूमिका अपनाकर मेयर, डिप्टी मेयर गेम को लेकर चुनाव पूर्व शहरवासियों को मंथन करने पर मजबूर किया है।

भिवंडी मनपा का चुनावी गणित

गौरतलब हो कि भिवंडी मनपा चुनाव में किसी भी राजनीतिक दल को बहुमत नहीं होने से मेयर, डिप्टी मेयर चुनाव में किसी भी प्रत्याशी की जीत को लेकर असमंजस की स्थित देखी जा रही है। 90 नगरसेवकों की भिवंडी मनपा में कांग्रेस 30, भाजपा 22, शिवसेना 12, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी 12, सपा 6, भिवंडी कोणार्क विकास आघाड़ी 4, भिवंडी विकास मंच 3 और 1 अपक्ष नगरसेवक चुनाव में जीत हासिल की है। महाराष्ट्र में महायुति का नारा देने वाली भाजपा और शिवसेना ने अलग अलग भिवंडी मनपा चुनाव में भाग्य आजमाया था। भाजपा से 22 और शिवसेना से 12 नगरसेवकों ने जीत हासिल की है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मेयर और डिप्टी मेयर प्रत्याशी को जीत के लिए 46 नगरसेवकों के वोट जरूरी होते हैं। भाजपा- शिवसेना अगर मिल भी जाएं तो बहुमत के आंकड़ा को पार नहीं कर पाएगी। महायुति को मेयर, डिप्टी मेयर बनाने के लिए कम से कम 12 नगरसेवकों को कैसे भी अपने पाले में लाना पड़ेगा।

क्या है भिवंडी की जनता की राय?

रिटायर्ड प्रधानाध्यापक रामदास पाटिल ने कहा कि नगरसेवकों को शहर का विकास सुनिश्चित करने के लिए वोटिंग करना चाहिए, जाति- धर्म की राजनीति से शहर विकास बाधित होगा। भिवंडी शहर की विकास योजनाओं को गति देने में सक्षम राजनीतिक दल के प्रत्याशी को वोट करना चाहिए।

समाजसेवी हनुमानदत्त शुक्ला का कहना है कि भारत की 'पावरलूम सिटी' की हालत गांव से भी बदतर है। ठाणे, कल्याण से अल्प दूरी पर स्थित भिवंडी को विकास की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए केंद्र राज्य सरकार की भारी आर्थिक मदद चाहिए। नगरसेवकों को विकास मुद्दे को प्राथमिकता देते हुए वोटिंग करनी चाहिए अन्यथा वोटरों के साथ विश्वासघात होगा।

सामाजिक कार्यकर्ता संजय सिंह भिवंडी मनपा में सत्ता के खेल में नगरसेवकों की साख दांव पर है। नगरसेवकों को आर्थिक फायदे से दूर रहकर शहर विकास एजेंडे को लेकर चलने वाले प्रत्याशी को बहुमूल्य वोट देकर शहर विकास में योगदान करना चाहिए।

उद्योगपति हाजी लाल मो. अंसारी ने कहा कि भिवंडी मनपा के 90 नगरसेवकों ने विकास एजेंडा के नाम पर वोट मांगकर जीत हासिल की है। मनपा तिजोरी खाली है। शहर विकास के लिए फंड जरूरी है। सभी नगरसेवकों को विकास मुद्दे को ध्यान में रखकर वोटिंग करना चाहिए।

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