अंबरेश्वर महादेव मंदिर (सौ. सोशल मीडिया ) 
ठाणे

अंबरनाथ का प्राचीन अम्बरेश्वर शिव मंदिर, 1000 साल पुरानी विरासत और महाशिवरात्रि का महापर्व

Mahashivratri Special: ठाणे जिले के अंबरनाथ स्थित प्राचीन अम्बरेश्वर शिव मंदिर अपनी रहस्यमयी वास्तुकला और हजार साल पुराने इतिहास के लिए प्रसिद्ध है। महाशिवरात्रि पर यहां हजारों श्रद्धालु आते हैं।

सूर्यप्रकाश मिश्र

Ambreshwar Mandir Of Ambernath: देशभर में आदिपुरुष भगवान शिव के अनेकों प्राचीन मंदिर हैं। भगवान शिव की आराधना के सबसे बड़े पर्व महाशिवरात्रि पर शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। कुछ ऐसे प्राचीन एवं ऐतिहासिक मंदिर भी हैं जहां हजारों साल से शिव की महिमा प्रज्वलित हो रही है।

उनमें ठाणे जिले के अम्बरनाथ में वालघुनी नदी के किनारे स्थित प्राचीन अम्बरेश्वर शिव मंदिर है। यह शिव मंदिर अपने रहस्यमयी निर्माण, भव्य वास्तुकला एवं ऐतिहासिक महत्व को दर्शाता है। हर साल महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां विशेष पूजा एवं मेले का आयोजन किया जाता है। इस प्राचीन मंदिर के नाम से ही शहर का नाम अम्बरनाथ पड़ा है।

पांडवों ने किया एक रात में निर्माण

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार अम्बरनाथ के अम्बरेश्वर मंदिर का निर्माण पांडवों ने एक ही शिला (पत्थर) से अपने अज्ञातवास के दौरान एक रात में किया था,हालाकिं वे मंदिर का पूरा निर्माण करने से पहले वहां से निकल गए क्योंकि कौरव उनके पीछे पड़े हुए थे।

1 हजार साल का जीवंत इतिहास

हालांकि इस मंदिर के शिलालेख में अम्बरेश्वर मंदिर का लभगभ 1 हजार साल का जीवंत इतिहास दर्ज है। उसके अनुसार इस प्राचीन मंदिर का निर्माण शिलाहार राजा मुम्मुनी द्वारा 1060 ईस्वी में करवाया गया। यह मंदिर अपनी अनूठी हेमाडपंथी शैली और पत्थर की नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है, जिसमें एक ही विशाल शिला को तराशकर बनाया गया गर्भगृह शामिल है।

स्वयम्भू शिवलिंग

मंदिर के गर्भगृह में स्थित शिवलिंग को स्वयंभू माना जाता है,यानी यह किसी व्यक्ति द्वारा स्थापित नहीं किया गया बल्कि स्वयं प्रकट हुआ है। प्रचलित मान्यता के अनुसार, राजा मम्मणि भगवान शिव के परम भक्त थे और उन्होंने यहां एक भव्य मंदिर बनाने की इच्छा प्रकट की थी।

सांसद शिंदे के प्रयासों से मंदिर परिसर विकास योजना

हजारों साल के प्राचीन अम्बरेश्वर शिव मंदिर परिसर की ऐतिहासिकता एवं धार्मिकता को बरकरार रखने का बीड़ा स्थानीय सांसद डॉ श्रीकांत शिंदे ने उठाया है। तत्कालीन मुख्यमंत्री एवं मौजूदा डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने अम्बरनाथ शिव मंदिर परिसर के विकास के लिए 150 करोड़ की योजना को मंजूरी दी।

यह प्राचीन मंदिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के तहत है। इसके साथ यूनेस्को की हेरिटेज श्रेणी में शामिल है। स्थानीय सांसद डॉ श्रीकांत शिंदे के अनुसार अंबरनाथ में शिलाहार काल का शिव मंदिर, वास्तुकला की उत्कृष्ट कृति, उस युग की एकमात्र जीवित संरचना है। सरकार के माध्यम से हम इसे विश्व स्तर पर बढ़ावा देने के प्रयास कर रही है। यह परियोजना उस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी। डॉ शिंदे ने राज्य सरकार और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के साथ मंदिर परिसर और उसके आसपास के क्षेत्र को विकसित करने का प्रस्ताव रखा था।

काशी की तर्ज पर विकास

अंबरनाथ के प्राचीन शिव मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण और कॉरिडोर निर्माण काशी की तर्ज पर किया जा रहा है। इस विकास परियोजना में लगभग 150 करोड़ रुपए की लागत से 6 से 7 एकड़ क्षेत्र का सुधार किया जा रहा है।

देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भक्त निवास, पार्किंग प्लाजा, बालधुनी नदी के किनारे घाट और प्राचीन तालाब जैसे विकास कार्य भी शामिल हैं। सांसद डॉ श्रीकांत शिंदे के अनुसार कोंकण क्षेत्र के इस प्राचीन अम्बरेश्वर ज्योतिर्लिंग शिव मंदिर का विकास होने से यह स्थान देश के प्रमुख धार्मिक व पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित होगा।

अंबरनाथ से नवभारत लाइव के लिए सूर्यप्रकाश मिश्र की रिपोर्ट

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