AIMIM पार्षद सहर शेख (सोर्स: सोशल मीडिया) 
ठाणे

नॉट रिचेबल AIMIM पार्षद सहर शेख आई सामने, फर्जी दस्तावेज के आरोपों पर दिखा करारा जवाब, देखें VIDEO

Sahar Shaikh Caste Certificate Controversy: मुंब्रा से AIMIM पार्षद सहर शेख ने खुद पर लगे फर्जी दस्तावेजों के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कानूनी कार्रवाई की बात कही।

आकाश मसने

AIMIM Corporator Sahar Shaikh Statement: महाराष्ट्र की राजनीति में मुंब्रा की AIMIM पार्षद सहर शेख के 'फर्जी प्रमाण पत्र' विवाद ने तूल पकड़ लिया है। पिछले कई दिनों से मीडिया और सोशल मीडिया पर लग रहे आरोपों के बाद, सहर शेख ने चुप्पी तोड़ते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस की और विरोधियों को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ चलाया जा रहा 'मीडिया ट्रायल' पूरी तरह से एक राजनीतिक प्रोपेगेंडा है।

इलेक्शन हारने का गुस्सा निकाल रहे हैं विरोधी

सहर शेख ने कहा कि चुनाव में मिली करारी हार के बाद उनके प्रतिद्वंद्वी इस जीत को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। इसी वजह से उन्हें और उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि मेरे पिता के महाराष्ट्र के निवासी होने पर सवाल उठाना और मुझे 'फरार' या 'नॉट रीचेबल' बताना केवल मेरी छवि खराब करने की साजिश है। जबकि मैं लगातार ग्राउंड लेवल पर आरटीई (RTE) और अस्पताल के कामों में व्यस्त थी।

तहसीलदार और न्यूज़ चैनल्स को कानूनी नोटिस

ठाणे मनपा के मुंब्रा से पार्षद सहर शेख ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए कई लोगों को मानहानि का नोटिस भेजा है। उन्होंने बताया कि उन्होंने एक न्यूज़ चैनल, सुफियान खान, जावेद सिद्दीकी, फराह सिद्दीकी और एनसीपी एसपी के एक इंस्टाग्राम हैंडल समेत कई पेजों को कानूनी नोटिस दिया है। उन्होंने तहसीलदार की रिपोर्ट को भी एकतरफा करार दिया और कहा कि वह इसे भी कोर्ट में चुनौती देंगी।

सहर शेख हुई भावुक

सहर शेख ने भावुक होते हुए कहा कि एक इंसान के तौर पर इस तरह के झूठे आरोपों से उन्हें धक्का लगा है, लेकिन वह देश के कानून और संविधान पर पूरा भरोसा रखती हैं। उन्होंने कहा, "हमारा परिवार कानून को मानने वाला है, इसलिए हमने अपनी लड़ाई कानूनी तरीके से लड़ने का फैसला किया है। मीडिया ट्रायल चलाने वाले पेड पीआर (Paid PR) का सच जल्द ही सबके सामने होगा।" पार्षद ने यह भी स्पष्ट किया कि उन पर लगे फर्जी दस्तावेज और अधिकारियों को गुमराह करने के आरोप बेबुनियाद हैं और वह अदालत में हर सबूत पेश करने के लिए तैयार हैं।

Delhi Building Collapse Live: PG मालिक के बाद पत्नी-बेटा भी अरेस्ट, सत्य निकेतन में 27 घंटे बाद रेस्क्यू खत्म

फिरोज गांधी: नेहरू परिवार के सदस्य नहीं, आज़ाद भारत के पहले बड़े वित्तीय घोटाले का पर्दाफाश करने वाले सांसद

सत्य निकेतन हादसे के बाद कॉकरोचों ने बढ़ाई सरकार की टेंशन, रखीं ये 7 मांगें

धीरेंद्र शास्त्री की नॉनवेज ना खाने की अपील पर भड़के बंगाल BJP चीफ, कहा- नवमी पर खाएंगे बकरे का मांस

Swarna Bharat Trust: 25वें स्थापना दिवस पर CM योगी का संबोधन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और शिक्षा पर दिया जोर