

Sahar Shaikh AIMIM Controversy: ठाणे महानगरपालिका की एमआईएम (AIMIM) की पार्षद सहर शेख के कथित फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। पिछले दो दिनों से 'नॉट रिचेबल' बताई जा रही सहर शेख के पिता यूनुस शेख गुरुवार को अचानक मुंब्रा पुलिस स्टेशन पहुंचे। पुलिस के साथ करीब 20 मिनट की चर्चा के बाद बाहर निकले यूनुस शेख ने आक्रामक रुख अपनाते हुए विरोधियों को खुली चुनौती दी है।
सहर शेख पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव लड़ने के लिए फर्जी जाति प्रमाण पत्र का सहारा लिया। शिकायतकर्ता सिद्दीकी अहमद के अनुसार यूनुस इकबाल शेख मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के निवासी हैं और महाराष्ट्र में प्रवासी (Migrant) हैं। नियमों के मुताबिक, प्रवासियों के लिए 'नमुना 10' लागू होता है, लेकिन आरोप है कि यूनुस शेख ने अधिकारियों को गुमराह कर 'नमुना 8' का उपयोग किया। इसी फर्जी आधार पर सहर शेख ने मुंबई शहर जिलाधिकारी कार्यालय से जाति प्रमाण पत्र प्राप्त किया और ठाणे मनपा चुनाव जीता।
पुलिस स्टेशन में अपना जवाब दर्ज कराने के बाद यूनुस शेख ने मीडिया से बात करते हुए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, ये सभी आरोप राजनीति से प्रेरित और पूरी तरह गलत हैं। मेरी बेटी राजनीति में बड़ी हो रही है, इसलिए कई लोगों को जलन हो रही है। यह केवल एक राजनीतिक स्टंट है।" उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, "करारा जवाब मिलेगा, हम अगले दो दिनों में अपनी भूमिका स्पष्ट करेंगे।
एक तरफ पुलिस सहर शेख की तलाश में थी, वहीं दूसरी तरफ वह वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस बनाम पंजाब किंग्स का मैच देखती नजर आईं। उन्होंने खुद इंस्टाग्राम पर मैच का वीडियो शेयर किया, जिसके बाद उनकी काफी आलोचना हुई। इस पर पिता यूनुस शेख ने बचाव करते हुए कहा, "अगर वह मैच देखने गई है, तो इसमें गलत क्या है?"
यूनुस शेख के बयान के बाद अब सबकी नजरें उनके अगले कदम पर टिकी हैं। क्या सहर शेख का परिवार आरोपों को गलत साबित करने के लिए पुख्ता सबूत पेश करेगा या पुलिस की जांच उनकी मुश्किलें बढ़ाएगी? दो दिनों बाद होने वाले खुलासे से मुंब्रा की राजनीति में बड़ा भूचाल आने की संभावना है।