Pandharpur Corridor Approval: विश्वभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र पंढरपूर में अब बुनियादी सुविधाओं और मंदिर परिसर का कायाकल्प होने जा रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता वाली शिखर समिति ने पंढरपूर कॉरिडॉर और शहर विकास परियोजना को अंतिम मंजूरी दे दी है। इस बैठक में विधायक समाधान आवताडे ने बताया कि सरकार का लक्ष्य 1 अगस्त तक जमीन अधिग्रहण की सभी औपचारिकताओं को पूरा करना है, ताकि विकास कार्य जल्द से जल्द शुरू किए जा सकें।
यह परियोजना मुख्यमंत्री का 'ड्रीम प्रोजेक्ट' मानी जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य पंढरपूर आने वाले लाखों भक्तों को भगवान विठ्ठल के सुलभ और सुरक्षित दर्शन उपलब्ध कराना है। एआई (AI) तकनीक के आंकड़ों के अनुसार, पिछली आषाढी एकादशी पर रिकॉर्ड 28 लाख श्रद्धालु पंढरपूर पहुँचे थे, जिससे भविष्य के लिए बड़े बुनियादी ढांचे की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
4,000 करोड़ रुपये की यह विशाल परियोजना अगले 50 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनायी गयी है। इसमें पंढरपूर देवस्थान मंदिर के चारों ओर एक भव्य कॉरिडॉर का निर्माण और शहर की सड़कों व अन्य नागरिक सुविधाओं का आधुनिकीकरण शामिल है। इससे न केवल भीड़ प्रबंधन में आसानी होगी, बल्कि किसी भी प्रकार की दुर्घटना को रोकने में भी मदद मिलेगी।
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प्रारंभ में स्थानीय व्यापारियों ने अपनी दुकानों के विस्थापन की आशंका के चलते इस प्रोजेक्ट का विरोध किया था। हालांकि, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोलापूर में स्पष्ट किया था कि इस कॉरिडॉर के बनने से पंढरपूर में पर्यटन और व्यापार कई गुना बढ़ जाएगा। उन्होंने व्यापारियों को आश्वस्त किया है कि इस विकास का सबसे अधिक लाभ स्थानीय व्यवसाय को ही मिलेगा।
मंदिर परिसर के विस्तार से भक्तों को अब घंटों कतारों में लगने के बजाय अधिक व्यवस्थित तरीके से दर्शन मिल सकेंगे। राज्य सरकार का मानना है कि इस आराखड़े के लागू होने के बाद पंढरपूर का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा और यह वैश्विक स्तर के धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में उभरेगा।