Wardha ST Bus Revenue Loss: जिले में स्कूलों और महाविद्यालयों की गर्मी की छुट्टियां शुरू होने के बाद महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल (एसटी) की स्कूल बस सेवाओं पर बड़ा प्रभाव पड़ा है। विद्यार्थियों की आवाजाही में आई कमी के कारण जिले के पांच डिपो से संचालित होने वाली 715 स्कूल बस फेरियां अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं। इससे एसटी महामंडल के राजस्व पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार वर्धा, आर्वी, हिंगनघाट, पुलगांव और तलेगांव (श्यामजीपंत) इन पांच डिपो के माध्यम से जिले में प्रतिदिन यात्री परिवहन सेवा संचालित की जाती है। इन डिपो के पास कुल 240 बसों का बेड़ा उपलब्ध है, जिनके जरिए सामान्य दिनों में प्रतिदिन लगभग 1,336 बस फेरियां संचालित होती हैं। इनमें बड़ी संख्या में स्कूल और कॉलेज विद्यार्थियों के लिए विशेष बस फेरियां भी शामिल रहती हैं।
विभागीय नियंत्रक भगवान जगनोर ने बताया कि स्कूल एवं महाविद्यालयों की छुट्टियों के कारण 715 स्कूल बस फेरियां बंद की गई है। वर्तमान में जिले के पांचों डिपो से प्रतिदिन लगभग 1,116 बस फेरियां संचालित हो रही है। नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बाद स्कूल बस सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से पुनः शुरू किया जाएगा। साथ ही ग्रामीण सड़कों की समय पर मरम्मत होने से यात्रियों को अधिक सुरक्षित और सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
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अधिकारियों के अनुसार शैक्षणिक परिवहन एसटी की आय का महत्वपूर्ण स्रोत है, क्योंकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के हजारों विद्यार्थी प्रतिदिन बसों से यात्रा करते हैं। छुट्टियों के दौरान यह नियमित आय लगभग बंद हो जाती है, जिससे डिपो के राजस्व पर दबाव बढ़ जाता है। इस बीच जिले के कई ग्रामीण मार्गों की खराब स्थिति भी एसटी के लिए चुनौती बनी हुई है।
अनेक सड़कों पर बड़े-बड़े गड्डे होने तथा मार्गों के जर्जर होने से कुछ गांवों तक नियमित बस सेवा पहुंचाना कठिन हो रहा है। खराब सड़कों के कारण बसों की टूट-फूट बढ़ने के साथ ही समय-सारिणी प्रभावित होने की आशंका भी बनी रहती है।