एकनाथ शिंदे  (सोर्स: सोशल मीडिया)
सांगली

सांगली-मिरज मनपा के 1198 कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दिए परमानेंट करने के निर्देश

Eknath Shinde Decision: सांगली-मिरज मनपा के 1198 कर्मचारियों को एकनाथ शिंदे ने बड़ा तोहफा दिया है। 10 वर्ष से अधिक सेवा देने वाले कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से परमानेंट करने के निर्देश दिए गए हैं।

सूर्यप्रकाश मिश्र, गोरक्ष पोफली

Sangli Corporation Employees Regularization: सांगली मिरज कुपवाड महानगरपालिका के 10 वर्ष से अधिक समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों को पालिका की सेवा में समायोजित किया जाए।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने यह निर्देश दिए। उन्होंने नगर विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव डी. गोविंदराज को नियमों के अनुसार ये पद भरने के निर्देश भी दिए।

हुई बैठक

सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सांगली मिरज कुपवाड मनपा के कुल 1198 कर्मचारियों को सेवा में समायोजित करने के मुद्दे पर बैठक हुई। बैठक में सांगली के पालकमंत्री चंद्रकांत पाटी, विधायक सुहास बाबर, विधायक सुधीर गाडगीळ, नगर विकास अपर मुख्य सचिव डी. गोविंदराज और सांगली कुपवाड मनपा आयुक्त संजिता महापात्र सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

1198 कर्मचारियों का मामला

सांगली मिरज कुपवाड मनपा में काम करने वाले इन 1198 कर्मचारियों में से कुछ मानदेय पर और कुछ रोजंदारी पर कार्यरत हैं। इनमें से कई कर्मचारी 25 से 30 वर्षों से पालिका में सेवा दे रहे हैं। इसी कारण पालकमंत्री पाटील और विधायक बाबर ने इन सभी को पालिका सेवा में समायोजित करने की मांग की थी।

आर्थिक स्थिति को देखते हुए फैसला

वर्तमान में पालिका का स्थापना खर्च कुल आय का 65.6 प्रतिशत है। ऐसे में सभी 1198 कर्मचारियों को एक साथ सेवा में लेने पर पालिका पर हर महीने अतिरिक्त 10 करोड़ 40 लाख रुपये का बोझ पड़ेगा। इसी को ध्यान में रखते हुए उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि फिलहाल 10 साल से ज्यादा सेवा करने वाले कर्मचारियों को ही पालिका सेवा में समायोजित किया जाए। शेष कर्मचारियों के संबंध में पालिका की आर्थिक स्थिति सुधरने के बाद सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।

आय बढ़ाने के निर्देश

बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पालिका को आय बढ़ाने के प्रयास करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संपत्ति कर वसूल किया जाए और उसमें नई संपत्तियों को भी शामिल किया जाए।

पालिका प्रशासन ने बताया कि आय बढ़ाने के प्रयास जारी हैं और इसके लिए संपत्ति कर में वृद्धि की गई है। इससे आने वाले समय में पालिका के खजाने में अतिरिक्त आय जमा होगी।

उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना जरूरी है, लेकिन साथ ही पालिका की वित्तीय स्थिरता को भी बनाए रखना होगा। इसलिए चरणबद्ध तरीके से कर्मचारियों को समायोजित करने का निर्णय लिया गया है।

आज की ताजा खबर 10 अगस्त LIVE: रांची में पुलिस के सामने राष्ट्रगान गाने लगे छात्र; पुलिस ने किया लाठीचार्ज

SBI Vacancy 2026: ग्रेजुएट युवाओं के लिए SBI में नौकरी का मौका, 1,538 पदों पर भर्ती, जानें योग्यता व सैलरी

जरा याद करो कुर्बानी: नंदुरबार के 16 साल के शेर का जिगरा देख कांप उठे थे अंग्रेज, सीने पर खाईं थी 4 गोलियां

VB-G RAM G के पहले ही महीने में बड़ा झटका! जुलाई में 49.94% घटा ग्रामीण रोजगार, सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े

ये सरकार कायर है...अब बातचीत नहीं, रांची में विधानसभा तक पहुंचे छात्र, देवेंद्र महतो बोले- फैसला चाहिए