

Ram Mandir Donation controversy Aadesh Bandekar Challenges Eknath Shinde: अयोध्या राम मंदिर दान राशि चोरी के मुद्दे को लेकर महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर आरोप-प्रत्यारोप हुए। विरोधियों के आरोपों का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने महाविकास आघाड़ी सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए कथित 'सिद्धिविनायक मंदिर दानपेटी चोरी' मामले का मुद्दा उठाया था। इन इन आरोपों के बा द
सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष और शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता आदेश बांदेकर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने राज्य सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर मेरे नाम का एक भी गलत वाउचर मिला या मैं दोषी साबित हुआ, तो मुझे मंदिर के सामने ही फांसी दे देना।
मानसून सत्र के अंतिम दिन राम मंदिर दान राशि के मुद्दे पर विपक्ष ने सत्ताधारी दल पर हमला बोलते हुए 'दान चोर' जैसे आरोप लगाए थे। इसके जवाब में एकनाथ शिंदे ने महाविकास आघाड़ी सरकार पर निशाना साधा।
शिंदे ने कहा था कि जिनके कार्यकाल में सिद्धिविनायक मंदिर की दानपेटी लूटी गई, उनका हिंदुत्व क्या है? जब आघाड़ी सरकार थी, तब ट्रस्ट पर कौन था यह सभी जानते हैं। सिद्धिविनायक को धोखा और इन्हें खोखा, यही इनकी प्रवृत्ति है। शिंदे का यह निशाना बिना नाम लिए उद्धव ठाकरे और उस समय के ट्रस्ट अध्यक्ष आदेश बांदेकर की ओर माना जा रहा है।
अपने कार्यकाल की पारदर्शिता पर सवाल उठाए जाने पर आदेश बांदेकर ने कहा कि उनके छह साल के कार्यकाल के पहले तीन वर्षों में भाजपा के सदस्य भी ट्रस्टी के रूप में उनके साथ काम कर रहे थे। उस समय की हर बैठक के दस्तावेज और फैसले मंत्रालय में उपलब्ध हैं। अगर किसी ने उसमें बदलाव किया है तो मुझे जानकारी नहीं है। लेकिन मेरे नाम का एक भी गलत वाउचर मिलता है तो मेरे खिलाफ कार्रवाई करें।