पनवेल मनपा (सौ. सोशल मीडिया ) 
रायगड

Panvel MNC Election: भाजपा का दांव पुराने चेहरों पर, 46 सीटों पर रीपीट उम्मीदवार

Maharashtra Local Body Election: पनवेल मनपा चुनाव में भाजपा महायुति ने सत्ता बरकरार रखने के लिए पुराने पार्षदों, उनके परिवारों और दलबदलुओं पर भरोसा जताया है।

अपूर्वा नायक

Panvel News In Hindi: भारतीय जनता पार्टी ने पनवेल मनपा चुनाव अभियान में महागठबंधन के जरिए सत्ता बरकरार रखने की ठोस रणनीति बनाई है।

78 सीटों वाली विधानसभा में अपना दबदवा फिर से कायम करने के लिए भाजपा ने नए चेहरों की बजाय 2017 में चुने गए नगरसेवकों, उनके परिवारों, दलबदल करने वाले पूर्व नगरसेवकों, उनके परिवारों या कुछ वोटों से हारे हुए चेहरों को प्राथमिकता दी है।

इसलिए राजनीतिक गलियारों में 'पुराने चेहरे, नई लड़ाई की चर्चा शुरू हो गई है। आगामी पनवेल मनपा चुनावों के लिए उम्मीदवारों की सूची की घोषणा करते हुए भाजपा महायुति ने अनुभव और संगठनात्मक पकड़ पर जोर दिया है।

भाजपा विधायक प्रशांत ठाकुर ने मनपा की 78 सीटों में से 65 सीटों पर भाजपा महायुती के उम्मीदवारों को जीत दिलाने का दृढ़ संकल्प व्यक्त किया था। इसलिए, पूर्व पार्षदों या उनके परिवारों को 78 में से 46 सीटों पर दूसरा मौका दिया गया है।

साथ ही, 2017 के चुनावों में शेकाप से चुने जाने के बाद भाजपा में शामिल हुए कई पूर्व पार्षदों को भी इस बार उम्मीदवार बनाया गया है। वार्ड नंबर 16 में पिछले चुनावों के लगभग सभी विजयी उम्मीदवार फिर से चुनाव लड़ रहे हैं।

इस बार भाजपा ने पूर्व पार्षद संतोष शेट्टी, समीर ठाकुर, राजेश्री वेवेकर और पनवेल मनपा की पूर्व महापौर डॉ। कविता चौतमोल को दोबारा चुनाव लड़ने का मौका दिया है। कुछ वार्डों में, कुछ ही वोटों से हारने वाले उम्मीदवारों को भी दोबारा चुनाव लड़ने का अवसर दिया गया है।

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महिलाओं को प्रत्याशी बनाने को प्राथमिकता

खारघर, कलंबोली और पनवेल शहर के वाहों में ऐसा लगता है कि उम्मीदवारों का चयन स्थानीय प्रभाव, सामाजिक दों के प्रतिनिधित्व और दलबदल से मिलने वाले चोटों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। भाजपा गठबंधन ने महिलाओं और उनके परिवारी को उम्मीदवार बनाने पर भी जोर दिया है।

दिवंगत नगरसेवकों के परिवारों को इस बार उम्मीदवार बनने का मौका देकर उनके राजनीतिक पुनर्वास की परंपरा को आगे बढ़ाया गया है। साथ ही, कई वार्डों में पति-पत्नी था करीबी रिश्तेदारों को राजनीति में आगे लाने की भूमिका भी देखी जा रही है। वार्ड 18 में विधायक विक्रात पाटिल के परिवार को उम्मीदवार बनाने की बात चल रही थी, लेकिन अंत में वैकल्पिक उम्मीदवारों को मौका देकर राजनीतिक संतुलन बनाए रखा गया।

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