Yugendra Pawar On Ajit Pawar Plane Crash Investigation: बारामती के गोजुबावी गांव के पास 28 जनवरी को हुए दर्दनाक विमान हादसे में महाराष्ट्र के कद्दावर नेता अजित पवार, पायलट, केबिन क्रू और उनके अंगरक्षक की असमय मृत्यु के छह महीने बीत जाने के बाद भी अंतिम जांच रिपोर्ट सार्वजनिक न होने पर गहरा आक्रोश व्याप्त है। इस दुखद घटना के आधा साल बीत जाने के बाद दिवंगत नेता के भतीजे युगेंद्र पवार ने जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
युगेंद्र पवार ने कहा कि इतने लंबे समय बाद भी हादसे का सच सामने न आना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और अब बारामती की जनता का सब्र पूरी तरह टूट रहा है। धीमी जांच की वजह से पवार समर्थकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
मीडिया से बातचीत करते हुए युगेंद्र पवार ने कहा कि पहले महीने में अजित पवार विमान दुर्घटना की आई प्रारंभिक जांच रिपोर्ट अधूरी थी और उसमें कई गलत तथ्य शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया कि दुर्घटना के दिन मुंबई एयरपोर्ट का सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage) अब तक जांच टीमों या परिवार के पास नहीं पहुंचा है, जो कई तरह के संदेह पैदा करता है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और राज्य CID जैसी बड़ी एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही हैं, तो सच सामने आने में इतना विलंब क्यों हो रहा है।
युगेंद्र पवार ने विमान सेवा देने वाली कंपनी VSR एविएशन के रवैये और शासन की चुप्पी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी राष्ट्रीय स्तर की त्रासदी के बावजूद VSR कंपनी के मालिक के खिलाफ अब तक कोई सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बारामती के आम नागरिकों और समर्थकों के मन में इस हादसे को लेकर गहरे संदेह हैं और अब लोग हर सवाल का साफ व पारदर्शी जवाब चाहते हैं।
हाल ही में शरद पवार की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात पर प्रतिक्रिया देते हुए युगेंद्र पवार ने बताया कि पवार साहब देश के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक हैं और स्वयं प्रधानमंत्री उन्हें अपना मार्गदर्शक मानते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शरद पवार ने प्रधानमंत्री से मुलाकात जंतर-मंतर पर चल रहे 'कॉकरोच जनता पार्टी' के छात्र आंदोलन का समाधान निकालने के उद्देश्य से की थी, जिसके सकारात्मक परिणाम स्वरूप अगले ही दिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा आया था।