सुप्रिया सुले सोर्स- सोशल मीडिया
पुणे

पुणे में सुप्रिया सुले का राज्य सरकार पर हमला, डीजे नियमों, अपराध और फुरसुंगी कचरा डिपो मुद्दे पर घेरा

Supriya Sule Pune Government Attack: सांसद सुप्रिया सुले ने डीजे नियमों, बढ़ते अपराध और फुरसुंगी कचरा डिपो को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने मनपा आयुक्त से मुलाकात कर समस्या समाधान की मांग की।

रूपम सिंह

Supriya Sule NCP Sharadchandra Pawar Pune: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की कार्याध्यक्ष एवं सांसद सुप्रिया सुले ने डीजे, पेपर लीक, बढ़ते अपराध और नागरिक समस्याओं को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। महिला सुरक्षा के लिए शुरू की गई '112' आपातकालीन हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली पर भी सुले ने सवाल उठाए।

उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से डीजे और साउंड सिस्टम के नियमों पर स्पष्ट भूमिका रखने की मांग की। सुले ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन होना चाहिए। मुख्यमंत्री पुणे आने के बावजूद इस मुद्दे पर गोल-मोल जवाब दिया। उन्हें स्पष्ट जवाब देकर महाराष्ट्र को दिशा दिखानी चाहिए।

सुले ने मंगलवार को फुरसुंगी कचरा डेपो के विरोध में चल रहे आंदोलन समेत पुणे शहर की विभिन्न समस्याओं को लेकर मनपा आयुक्त से मुलाकात की।

उन्होंने कहा कि फुरसुंगी के नागरिक लंबे समय से कचरा डिपो का विरोध कर रहे हैं। आयुक्त ने समस्या के समाधान के लिए 15 दिन का समय मांगा है। सुले ने डिपो का काम नियमों के अनुसार करने की मांग की।

'आंदोलनकारियों पर केस, अपराधियों को मिली छूट'

पुणे में बढ़ते अपराध और कोयता गैंग पर सवाल उठाते हुए सुले ने कहा कि आंदोलनकारियों और किसानों पर तुरंत मामले दर्ज होते हैं, लेकिन लोगों को ठगने और गंभीर अपराध करने वाले

आरोपी क्यों नहीं पकड़े जाते? सुले ने कहा कि जनता ने महायुति सरकार को सत्ता दी है, इसलिए सरकार को राजनीतिक जोड़-तोड़ के बजाय जनता की समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए।

Ram Mandir Trust New CEO Announcement Live: राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक शुरू, जल्द होगा नए CEO के नाम का ऐलान

पंजाब में रेट कार्ड पर IAS-IPS का ट्रांसफर, BJP का बड़ा हमला, मांगा भगवंत मान का इस्तीफा

रोनाल्डो की बहन पहुंचीं केरलम, सीएम से हुई मुलाकात; फैंस के लिए दे गईं खास वादा

इस्तीफा देने से पहले राहुल गांधी से मिली थी दिव्या मित्तल, भाजपा प्रवक्ता ने बताई IAS की सच्चाई, मचा बवाल

आरक्षण से लेकर मदरसों पर कार्रवाई तक, ओपी राजभर ने आखिर क्यों लिया मांझी का पक्ष और चिराग पर कसा तंज?