पुणे में खराब सड़कों के बीच ₹88 करोड़ के वर्ल्ड क्लास फुटपाथ प्रोजेक्ट पर सवाल, पूर्व पार्षदों ने किया विरोध

Pune Municipal Corporation: पुणे मनपा के ₹88 करोड़ के 'विश्वस्तरीय फुटपाथ' प्रोजेक्ट पर सवाल उठे हैं। पूर्व पार्षदों ने आयुक्त को पत्र लिखकर पहले सड़कों के गड्ढे भरने की मांग की है।
Questions raised over ₹88-crore world-class footpath project amidst poor roads in Pune
पुणे गड्ढे सड़क मरम्मत सोर्स- सोशल मीडिया
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PMC 88 Crore Footpath Project Pune: पुणे शहर की सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे और बदहाल सड़क व्यवस्था के बीच पुणे महानगरपालिका (मनपा) द्वारा 88 करोड़ रुपये खर्च कर 'विश्वस्तरीय फुटपाथ' बनाने की तैयारी पर सवाल उठने लगे हैं। मनपा के पथ विभाग द्वारा केवल सात दिनों की अल्पावधि टेंडर निकालने के प्रस्ताव का पूर्व विरोधी पक्षनेता उज्ज्वल केसकर, पूर्व विरोधी पक्षनेता सुहास कुलकर्णी और पूर्व नगरसेवक प्रशांत बधे ने विरोध किया है।

उन्होंने मनपा आयुक्त नवल किशोर राम को पत्र देकर प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने और पहले शहर की सड़कों को गड्डामुक्त करने की मांग की है। पथ विभाग के प्रस्ताव में सात दिनों में निविदा प्रक्रिया पूरी करने से प्रतिस्पर्धा बढ़ने तथा अनुभवी ठेकेदारों से निविदाएं मिलने का दावा किया गया है।

हालांकि, पूर्व पदाधिकारियों का सवाल है कि जब पुणे की प्राथमिक समस्या खराब सड़कें और गड्ढे हैं, तो फिलहाल 88 करोड़ रुपये फुटपाथ पर खर्च करने की जरूरत क्यों है? पत्र में कहा गया है कि शहर में गड्ढे भरने के लिए सभी क्षेत्रीय कार्यालयों में कार्यकारी अभियंताओं की नियुक्ति की गई है और प्रत्येक को एक करोड़ रुपये का बजट भी दिया गया है। इसके बावजूद सड़कों की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।

पहले जरूरत वाले क्षेत्रों में हों विकास कार्य

  • पहले पुणे शहर की सड़कें गड्ढामुक्त हों।

  • मौजूदा फुटपाथ अतिक्रमणमुक्त किए जाएं। नए फुटपाथ की जरूरत का सर्वेक्षण हो। जरूरत वाले क्षेत्रों में ही काम कराया जाए। सात दिन की निविदा प्रक्रिया पर पुनर्विचार हो।

कई मार्गों पर पहले ही मनपा बना चुकी फुटपाथ

पूर्व पदाधिकारियों ने दावा किया कि स्मार्ट सिटी सहित विभिन्न योजनाओं के तहत जंगली महाराज रोड, फर्ग्युसन रोड, कर्वे रोड समेत कई प्रमुख मार्गों पर पहले ही फुटपाथ विकसित किए जा चुके है। बाजीराव रोड, लक्ष्मी रोड, सेनापति बापट रोड, लॉ कॉलेज रोड, विद्यापीठ

रोड, औंध रोड, पाषाण रोड, बाणेर रोड और पुराने पुणे-मुंबई रोड सहित अनेक मार्गों पर भी फुटपाथ मौजूद हैं। इसके अलावा पुणे स्टेशन, नगर रोड, सोलापुर रोड, स्वारगेट-कात्रज, सिंहगढ़ रोड, ढोले पाटील रोड, कोरेगांव पार्क, हडपसर, मुंढवा, कोढवा, बिबवेवाड़ी और सहकारनगर जैसे क्षेत्रों में भी फुटपाथ के काम हो चुके हैं। ऐसे में सवाल उठाया गया है कि 'विश्वस्तरीय फुटपाथ' आखिर किन इलाकों में बनाने बाकी हैं?

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टेंडर प्रस्ताव पर किया जाए पुनर्विचार

पूर्व पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि पुराने और उपयोगी फुटपाथ हटाकर नए बनाने की प्रवृत्ति अनावश्यक खर्च को बढ़ावा दे सकती है।

उन्होंने कहा कि केवल बजट में प्रावधान होने से काम जरूरी नहीं हो जाता। पहले आवश्यकता और सर्वेक्षण, उसके बाद प्रक्रिया होनी चाहिए। आयुक्त से मांग की कि 88 करोड़ के प्रस्ताव की समीक्षा कर हालत सुधारी जाए।

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