Pune Dog Bite Incident: जुन्नर तहसील के आले गांव में एक पागल कुत्ते ने जमकर आतंक मचाया। गांव के अलग-अलग हिस्सों में घूमते हुए कुत्ते ने करीब दो घंटे के दौरान 12 लोगों को काटकर घायल कर दिया। इनमें नौ लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं, जबकि तीन लोगों को मामूली चोटें आई हैं।
अचानक हुई इस घटना से पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया। कुत्ते के हमले में घायल सभी नागरिकों को तत्काल आले स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ले जाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया।
गंभीर रूप से घायल मरीजों को उनकी स्थिति के अनुसार मंचर, नारायणगांव और पुणे शहर के अस्पतालों में आगे के उपचार के लिए भेजा गया। जानकारी के अनुसार, आले गांव में सिर्फ दो घंटे के बीच एक पागल कुत्ते ने कई नागरिकों का पीछा करते हुए उन पर हमला किया।
इस घटना में हौसाबाई वाघमारे (76), शालिनी डोंगरे (90), मंगल सूर्यवंशी (45), मंहमंद दाजी (60), जया साबले (35), प्रणिता अभंग (36), हेमंत पिंजारी (45), मनीषा वाघचौरे (40) और धोंडिभाऊ घातापुणे (65) गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
इसके अलावा तीन लोगों को मामूली चोटें आई हैं। सभी घायलों को तत्काल आले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। घटना में घायल हौसाबाई वाघमारे को आगे के उपचार के लिए पुणे भेजा गया है। व
हीं चार घायलों को मंचर के उपजिला अस्पताल और एक घायल को नारायणगांव में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। अन्य घायलों का प्राथमिक उपचार आले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में किया गया। चिकित्सकीय निगरानी में मरीजों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुत्ते ने एक ही स्थान पर नहीं, बल्कि गांव के अलग-अलग हिस्सों में लोगों का पीछा कर उन्हें काटा। अचानक हुए इन हमलों से नागरिकों में भय फैल गया।
कुछ समय के लिए लोगों ने घरों से बाहर निकलना भी टाल दिया। विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों को लेकर परिवारों में चिंता बढ़ गई। घटना की जानकारी मिलते ही घायल नागरिकों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। चिकित्सा कर्मचारियों ने तत्काल उपचार शुरू किया।
घटना के बाद आले गांव के नागरिकों ने भटकने वाले कुत्तों के तत्काल बंदोबस्त की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि गांव और आसपास के इलाकों में आवारा कुत्तों का झुंड दिखाई देता है। यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में भी ऐसी घटनाएं हो सकती है।
नागरिकों ने संबंधित प्रशासन से भटकने वाले कुत्तों को पकड़ने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। इस बीच नागरिकों से सतर्क रहने और विशेष रूप से छोटे बच्चों को अकेले घर से बाहर नहीं भेजने की अपील की गई है। किसी इलाके में आक्रामक या संदिग्ध व्यवहार करने वाला कुता दिखाई देने पर उसके करीब नहीं जाने और तत्काल संबंधित प्रशासन को सूचना देने की सलाह दी गई है।