Pune Sound System Association Ganesh Utsav: पुणे में गणेशोत्सव के दौरान तेज आवाज, प्रेशर मिड और साउंड सिस्टम की बढ़ती प्रतिस्पर्धा को लेकर साउंड कारोबारियों ने अब अपनी भूमिका बदलने का ऐलान किया है। कारोबारियों ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि पिछले कुछ वर्षों में गणेश मंडलों के बीच अधिक आवाज करने की होड़ के चलते प्रेशर मिड की संख्या बढ़ाना और कर्कश आवाज करना उनकी गलती थी।
अब इस तरह की व्यवस्था को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। पुणे जिला साउंड, लाइट, जनरेटर सिस्टम एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी मंडल के दबाव के बावजूद नियमों का उल्लंघन करने वाला साउंड सिस्टम उपलब्ध नहीं कराया जाएगा।
एसोसिएशन के अध्यक्ष गणेश कालभोर बुधवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में ने कहा कि लॉकडाउन के बाद साउंड व्यवसाय की बाजार में प्रतिस्पर्धा भी बढ़ी गणेश मंडलों के बीच एक दूसरे से ज्यादा आवाज करने की होड़ शुरू हुई।
इसका सीधा असर साउंड व्यवसायियों पर पड़ा और अधिक क्षमता वाले सिस्टम के इस्तेमाल की मांग बढ़ती गई। इससे तेज आवाज की समस्या सामने आई कालभोर ने बताया कि 2 बेस सिस्टम को जोड़कर प्लाइवुड लगाने वाली व्यवस्था को कुछ लोग 'प्लाज्मा' नाम देकर इस्तेमाल करते थे।
साउंड व्यवसायियों ने गणेशोत्सव के दौरान 'स्पर्धामुक्त पुणे' की भूमिका अपनाने का निर्णय लिया है। यदि दो साउंड सिस्टम एक-दूसरे के सामने या बेहद करीब लगाए जाते हैं और उनके कारण आवाज बढ़ने की स्थिति बनती है, तो व्यवसायी स्वयं साउंड बंद करेंगे।
संगठन के अनुसार, गणेश मंडलों के लिए चार बेस और चार टॉप से अधिक सिस्टम नहीं लगाने की भूमिका अपनाई जाएगी। इसके अलावा पुलिस-प्रशासन की अनुमति और निर्धारित ध्वनि