Koregaon Bhima Leopard Trapped: शिरूर तहसील के कोरेगांव भीमा स्थित फडतरे बस्ती में पिछले कुछ समय से दहशत का कारण बने तेंदुए को आखिरकार वन विभाग ने पिंजरे में कैद कर लिया। मवेशियों और कुत्तों पर लगातार हमले किए जाने के बाद ग्रामीणों की मांग पर लगाए गए पिंजरे में 7 सितंबर की रात पूर्ण विकसित नर तेंदुआ फंस गया।
तेंदुए के पकड़े जाने की खबर मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और उसे सुरक्षित कब्जे में लिया। तेंदुए के कैद होने के बाद फडतरे बस्ती और आसपास के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
फडतरे बस्ती में तेंदुए की मौजूदगी से ग्रामीणों में काफी समय से भय का माहौल था। तेंदुआ लगातार मवेशियों और कुत्तों को निशाना बना रहा था। इससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई थी और उन्होंने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की थी।
ग्रामीणों की मांग पर वन विभाग ने क्षेत्र में पिंजरा लगाया। आखिरकार 7 सितंबर की रात तेंदुआ उसमें फंस गया।
तेंदुए के पिंजरे में कैद होने की सूचना मिलने के बाद वनपरिक्षेत्र अधिकारी निलकंठ गव्हाणे और वनपरिमंडल अधिकारी रूपावली जगताप के निर्देश पर नियतक्षेत्र अधिकारी सोपान अनासुने और वनमजूर आनंदा हरगुडे तत्काल मौके पर पहुंचे।
रेस्क्यू टीम के अमोल कुसालकर, बालासाहेब मोरे, साहिल मोरे, शेरखान शेख, श्रीकांत भाड़ले और सुरेश जाधव ने तेंदुए को सुरक्षित कब्जे में लिया।
वनपरिक्षेत्र अधिकारी निलकंठ गव्हाणे ने बताया कि पकड़ा गया तेंदुआ माणिकडोह तेंदुआ निवारण केंद्र भेज दिया गया है।
तेंदुए के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद इलाके में मौजूद नागरिकों ने राहत व्यक्त की। कार्रवाई के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता कौस्तुभ होलकर, अक्षय फडतरे, शुभम फडतरे, सार्थक फडतरे, अभिजित चव्हाण, संदीप गंगणे और अनिल फडतरे समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद थे।
तेंदुए के पकड़े जाने से फिलहाल फडतरे बस्ती के नागरिकों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, ग्रामीण इलाकों में वन्यजीवों की लगातार बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग की निगरानी पर भी अब नजर रहेगी।