शिरूर के पिंपले जगताप में गन्ने के खेत में मिला तेंदुए का शावक, वन विभाग ने लिया कब्जे में

Leopard Cub Found Pimple Jagtap Shirur: शिरूर के पिंपले जगताप में गन्ने के खेत में तेंदुए का शावक मिला; वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए।
Leopard Cub Found Pimple Jagtap Shirur
तेंदुए का शावक(सोर्सः सोशल मीडिया)
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Leopard Cub Found Pimple: पुणे जिले की शिरूर तहसील स्थित पिंपले जगताप गांव में रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गन्ने की कटाई के दौरान अचानक तेंदुए का एक छोटा शावक (Leopard Cub) बाहर निकल आया। यह घटना स्थानीय किसान रामभाऊ जगताप के खेत में घटी, जहां गुड़ के कारखाने (गुढ़ाल) की आपूर्ति के लिए गन्ने की कटाई का काम चल रहा था।

कटाई के दौरान मचा हड़कंप

प्राप्त जानकारी के अनुसार, खेत में मजदूर रोजाना की तरह गन्ने की छंटाई और कटाई में व्यस्त थे। इसी दौरान गन्ने के घने झुरमुटों के बीच से अचानक तेंदुए का एक छोटा बच्चा बाहर निकला। शावक को अचानक सामने देखकर गन्ने की कटाई कर रहे मजदूरों में हड़कंप मच गया और वे जान बचाकर खेत से बाहर भागे। हालांकि, शावक काफी छोटा होने के कारण शांत रहा, जिससे किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ। किसानों ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को दी।

रेस्क्यू टीम का त्वरित एक्शन

सूचना मिलते ही वन विभाग और वन्यजीव रेस्क्यू टीम तुरंत हरकत में आई। वनपरिक्षेत्र अधिकारी नीलकंठ गव्हाणे और वनपरीमंडल अधिकारी रुपावली जगताप के कुशल मार्गदर्शन में एक विशेष रेस्क्यू टीम का गठन कर मौके पर भेजा गया। इस टीम में नियतक्षेत्र वन अधिकारी सोपान अनासुने, रेस्क्यू टीम के सदस्य शेरखान शेख, अमोल कुसालकर, गणेश तिलेकर, श्रीकांत भाइले, वैभव निकालजे, राहुल गायकवाड और पुलिस पाटिल वर्षा थिटे शामिल थे।

टीम ने बिना समय गंवाए योजनाबद्ध तरीके से अभियान चलाया और अत्यधिक सतर्कता बरतते हुए शावक को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया।

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स्वास्थ्य परीक्षण और मादा तेंदुए की आशंका

पुणे वन विभाग की टीम ने शावक को अपनी कस्टडी में लेकर उसका प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण कराया है, जिसमें वह पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। अधिकारियों द्वारा आगे की विधिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। वन अधिकारियों का मानना है कि शावक की उम्र बहुत कम है, जिसके कारण उसकी मां (मादा तेंदुआ) निश्चित रूप से आसपास के क्षेत्र में ही मौजूद होगी। अक्सर मादा तेंदुए अपने बच्चों को छिपाने के लिए गन्ने के खेतों को सबसे सुरक्षित स्थान मानती हैं।

ग्रामीणों के लिए चेतावनी जारी

शावक के मिलने के बाद आसपास के इलाकों में मादा तेंदुए के आक्रामक होने की संभावना को देखते हुए वन विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। नियतक्षेत्र वन अधिकारी सोपान अनासुने ने पिंपले जगताप और आसपास के किसानों तथा ग्रामीणों से अपील की है कि वे रात के समय अकेले बाहर निकलने से बचें। खेतों में काम करते समय टॉर्च, डंडे का प्रयोग करें और शोर मचाते हुए काम करें ताकि वन्यजीव दूर रहें। वन विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

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