Sharad Pawar NCP Modigov GDP Growth Rate Controversy: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष शरद पवार ने केंद्र की मोदी सरकार के उस दावे को चैलेंज किया है, जिसमें चालु वित्त वर्ष के अप्रैल-जून तिमाही के दौरान 7.8 प्रतिशत जीडीपी ग्रोथ रेट हासिल करने की घोषणा की गई है। पवार ने कहा कि सरकार ने आकड़ों को पेश करने में हेराफेरी की है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह सरकार देश की आर्थिक स्थिरता के बारे में लोगों के सामने गलत नैरेटिव पेश कर रही है।
जीडीपी के आंकड़ों का ढिंढोरा पीटने वाली सरकार महंगाई, टैक्स के बोझ और आम लोगों की असल परेशानियों को अनदेखा कर रही है। पूर्व केन्द्रीय मंत्री पवार ने कहा कि आज देश के लोग महंगाई से जूझ रहे हैं। युवाओं के सामने रोजगार का संकट है। लोगों की सेविंग कम हो रही है।
ऐसे में जीडीपी में ऐतिहासिक बढ़त का दावा कर लोगों का ध्यान मूल समस्याओं से हटाने की है। प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री अर्थव्यवस्था की स्थिति को बहुत अच्छा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि वे असल समस्याओं को नजर अंदाज कर रहे हैं। ऐसा लगता है कि वे यह समझने में नाकाम रहे हैं कि अर्थव्यवस्था असल में धीमी हो रही है।
उन्होंने प्रधानमंत्री पर यह आरोप भी लगाया कि वे घरेलू मुद्दों, जैसे कि तेजी से बढ़ती महंगाई और परिवारों की घटती बचत से लोगों का ध्यान हटाने के लिए अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों का इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर देश वाकई में प्रगति कर रहा है तो यह आम लोगों के जीवन में भी नज़र आना चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीडीपी के 7.8 प्रतिशत के दावों पर सवाल उठा है। इसे लेकर यूबीटी सांसद संजय राऊत ने पीएम मोदी पर हमला बोला है। उन्होंने पूर्व वित्त सचिव की ओर से बताए गए जीडीपी के 2.6% आंकड़ों का हवाला देते हुए सरकार को घेरा है।
उन्होंने पीएम मोदी को चुनौती दी है कि देश को सही जानकारी दें। दरअसल पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने भारत की 7.8% जीडीपी ग्रोथ के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि वास्तविक वृद्धि दर 7.8% नहीं बल्कि केवल 2.6% है।