पीएम मोदी के साथ शरद पवार (फाइल फोटो, सोशल मीडिया) 
पुणे

NCP विलय की खबरों के बीच शरद पवार ने PM मोदी को दिया बारामती आने का न्योता, महाराष्ट्र में बदलेगी सियासी हवा?

Sharad Pawar Invites PM Modi: शरद पवार ने एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की अटकलों को खारिज कर दिया है। दूसरी ओर, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बारामती आने का निमंत्रण देकर नई हलचल मचा दी है।

आकाश मसने

Sharad Pawar Invited PM Modi To Baramati: महाराष्ट्र की राजनीति में एक ही दिन हुए दो घटनाक्रमों के कारण सूबे के सियासी पंडित सकते में पड़ गए हैं। राकां के वरिष्ठ नेता शरद पवार इसकी वजह हैं। एक ओर बड़े पवार ने राकां के दोनों गुटों के विलय की संभावनाओं को पूरी तरह खारिज कर दिया, वहीं दूसरी ओर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बारामती आने का निमंत्रण देकर सियासी हलकों में नई अटकलों को जन्म दे दिया। विपक्षी राजनीति के बीच पवार के इन कदमों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं।

शरद पवार की अध्यक्षता वाले विद्या प्रतिष्ठान में नक्षत्र गार्डन के भीतर स्थापित 9 फुट ऊंची गौतम बुद्ध की प्रतिमा के अनावरण के लिए प्रधानमंत्री मोदी को आमंत्रित किया गया है। इस संबंध में विद्या प्रतिष्ठान की बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया। कार्यक्रम 2 अक्टूबर या 16 अक्टूबर को आयोजित करने की योजना है, हालांकि अंतिम तारीख पर प्रधानमंत्री कार्यालय की मंजूरी अभी बाकी है। इसके बावजूद आयोजन की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

डोम में होंगे 13 महान विभूतियों के चित्र

विद्या प्रतिष्ठान के डोम में गौतम बुद्ध की प्रतिमा के साथ महात्मा गांधी, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर, छत्रपति शाहू महाराज सहित 13 महान विभूतियों के चित्र भी लगाए जा रहे हैं। शरद पवार ने निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और बताया गया है कि वह स्वयं प्रधानमंत्री को आमंत्रण पत्र सौंपने के लिए दिल्ली भी जाएंगे।

विलय की अटकलों पर लगाया विराम

बारामती में पत्रकारों से बातचीत के दौरान शरद पवार ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुटों के विलय की संभावना को सिरे से नकार दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि दोनों दलों के एक होने का कोई संबंध नहीं है। उनके इस बयान को पिछले कुछ दिनों से चल रही अटकलों पर सीधा जवाब माना जा रहा है।

मुलाकातों के बाद तेज हुई थीं चर्चाएं

हाल के दिनों में शरद पवार की प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात, पार्थ पवार और प्रफुल पटेल की उनसे भेंट तथा दोनों गुटों के नेताओं की केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात के बाद विलय और एनडीए में शामिल होने की चर्चाएं तेज हो गई थीं। अब एक तरफ विलय से साफ इनकार और दूसरी तरफ प्रधानमंत्री को बारामती बुलाने की पहल ने बड़े पवार की राजनीतिक रणनीति को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

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