Rupali Chakankar Facebook Post (फोटो क्रेडिट-X) 
पुणे

मीडिया से दूरी और खरात मामले पर चुप्पी की क्या थी वजह? रूपाली चाकणकर ने फेसबुक पर किया चौंकाने वाला खुलासा

Rupali Chakankar on Ashok Kharat Case: अशोक खरात मामले में रूपाली चाकणकर ने फेसबुक पोस्ट के जरिए दी सफाई। गुमनाम पत्र को बताया मानहानि की साजिश।

अनिल सिंह

Rupali Chakankar Facebook Post: नासिक के विवादित अशोक खरात मामले में घिरीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की नेता रूपाली चाकणकर ने 28 दिनों की लंबी खामोशी के बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है। अपनी बहन प्रतिभा चाकणकर से एसआईटी (SIT) की 10 घंटे की पूछताछ के अगले ही दिन, रूपाली चाकणकर ने फेसबुक पर एक विस्तृत पोस्ट साझा की है।

उन्होंने मीडिया के सामने न आने के कारणों का खुलासा करते हुए अपने और अपने परिवार पर लगे आरोपों को 'मानहानि की घिनौनी साजिश' करार दिया है।

मीडिया से दूरी की असली वजह

रूपाली चाकणकर ने स्पष्ट किया कि पिछले कुछ दिनों से मीडिया में उनके खिलाफ चल रही एकतरफा खबरों पर उन्होंने कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया। उन्होंने लिखा, "मेरी खामोशी का एकमात्र उद्देश्य यह था कि एसआईटी और जांच एजेंसियां बिना किसी दबाव के निष्पक्ष जांच कर सकें।" उन्होंने आरोपों को 'मीठी-मीठी कहानियों और दिलचस्प अफवाहों' का पुलिंदा बताया।

'गुमनाम पत्र' और बीड कनेक्शन पर सवाल

चाकणकर ने बीड से आए एक कथित गुमनाम पत्र को लेकर पुलिस प्रशासन और मीडिया की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि जिस पत्र पर किसी का नाम या पता नहीं है, वह मीडिया तक कैसे पहुंचा? उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी जांच के उस पत्र को आधार बनाकर दिन भर चर्चा करना एक सुनियोजित साजिश थी। बीड के पुलिस अधीक्षक नवनीत कौट के बयान का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि जब पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि गुमनाम पत्रों का कोई कानूनी महत्व नहीं होता, तो फिर इसे इतना तूल क्यों दिया गया?

वित्तीय लेनदेन से पल्ला झाड़ा

अपनी बहन प्रतिभा चाकणकर के नाम पर मिले फर्जी बैंक खातों और करोड़ों के लेनदेन के दावों पर रूपाली ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि खरात मामले में किसी भी प्रकार के वित्तीय लेनदेन, भूमि सौदे या किसी अन्य गलत काम में उनका या उनके परिवार का कोई हाथ नहीं है। उन्होंने मांग की है कि उस गुमनाम पत्र को लिखने वाले असली व्यक्ति का पता लगाया जाए ताकि सच्चाई महाराष्ट्र के सामने आ सके।

रूपाली चाकणकर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईडी (ED) और एसआईटी अशोक खरात के नेटवर्क को खंगाल रही हैं। चाकणकर ने विश्वास जताया है कि अंत में वे और उनका परिवार बेदाग साबित होगा।

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