'एहसान का बदला चुका रहे हैं गद्दार', मिलिंद देवड़ा के ट्वीट पर कांग्रेस का पलटवार, लेकिन मामले में है ट्विस्ट

Milind Deora vs Congress: आशा भोसले के अंतिम संस्कार पर मिलिंद देवड़ा के ट्वीट से मचा राजनीतिक घमासान। कांग्रेस ने देवड़ा को बताया 'गद्दार'। देवड़ा ने बताया कि वो ट्वीट कांग्रेस के लिए था ही नहीं।
Milind Deora vs Congress Controversy
Milind Deora vs Congress Controversy (फोटो क्रेडिट-X)
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Milind Deora Tweet Controversy: पद्म विभूषण गायिका आशा भोसले के अंतिम संस्कार के दौरान मुंबई के शिवाजी पार्क में जो शांति और कृतज्ञता होनी चाहिए थी, वह अब एक बड़े राजनीतिक संग्राम में बदल गई है।

शिवसेना (शिंदे गुट) के सांसद मिलिंद देवड़ा के एक ट्वीट ने महाराष्ट्र कांग्रेस को इस कदर नाराज कर दिया है कि पार्टी ने उन पर 'कृतघ्नता' और 'गद्दारी' का सबसे तीखा हमला बोला है।

विवाद की जड़: मिलिंद देवड़ा का ट्वीट

आशा भोसले के अंतिम संस्कार में समाज के हर वर्ग और राजनीतिक दल के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। हालांकि, मिलिंद देवड़ा ने ट्वीट कर दावा किया कि एक प्रमुख राजनीतिक दल इस दुखद अवसर से नदारद रहा, जो उनकी "देश की सांस्कृतिक नब्ज से दूरी" को दर्शाता है। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन कांग्रेस ने इसे खुद पर हमला मानकर मोर्चा खोल दिया।

कांग्रेस का तीखा पलटवार: "एहसान का बदला चुका रहे हैं गद्दार"

महाराष्ट्र कांग्रेस ने देवड़ा के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें राजनीति का "सबसे निचला स्तर" बताया। कांग्रेस ने आधिकारिक बयान में कहा:

उपस्थिति का प्रमाण: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार शिंदे, नसीम खान, सांसद प्रणिति शिंदे और कई पदाधिकारी आशा ताई को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे।

व्यक्तिगत हमला: कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जिस पार्टी ने देवड़ा परिवार को नाम, सम्मान और पहचान दी, मिलिंद देवड़ा उसी पर "भौंक" रहे हैं।

शिंदे गुट पर तंज: कांग्रेस ने कहा कि मिलिंद देवड़ा शिंदे गुट के दरवाजे पर खड़े होकर सांसद पद की "भीख" मांगते हैं और अब झूठ बोलकर कांग्रेस पर कीचड़ उछालकर शिंदे के एहसान का बदला चुका रहे हैं।

मिलिंद देवड़ा की सफाई और नेपोलियन का जिक्र

विवाद बढ़ता देख मिलिंद देवड़ा ने दूसरा ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने स्थिति को और अधिक पेचीदा बना दिया। उन्होंने नेपोलियन बोनापार्ट का उदाहरण देते हुए लिखा, "जब आपका दुश्मन गलती कर रहा हो, तो उसे कभी मत रोको।" देवड़ा ने संकेत दिया कि उनका पिछला ट्वीट कांग्रेस के लिए नहीं, बल्कि ठाकरे की शिवसेना (UBT) के लिए था। उन्होंने कटाक्ष किया कि यह देखकर खुशी हुई कि उनका ट्वीट एक पार्टी के लिए "आत्महत्या और अनजाने में हुई स्वीकारोक्ति" साबित हुआ।

यह विवाद ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में 'गद्दार' और 'स्वाभिमानी' जैसे शब्दों को लेकर पहले से ही भारी खींचतान चल रही है।

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