Pune Water Shutdown Once A Week: पुणे जिले के बांधों में पानी भरा है, फिर भी पुणेकरों पर पानी कटौती की तलवार लटकने लगी है। राज्य में सूखे की आशंका को देखते हुए सरकार ने अगले वर्ष जुलाई-अगस्त 2027 तक बांधों का पानी सुरक्षित रखने की कवायद शुरू कर दी है।
इसके लिए शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से 10 प्रतिशत पानी कटौती करने पर विचार किया जा रहा है। सरकार के इस कदम का असर पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ की जलापूर्ति पर भी पड़ सकता है। हालात बिगड़े तो पुणे में हर सप्ताह एक दिन पूरे शहर की जलापूर्ति बंद रखने की तैयारी शुरू हो गई है।
महाराष्ट्र राज्य में उपलब्ध पानी को अगले वर्ष तक सुरक्षित रखने के लिए मंत्रिमंडल उपसमिति की मुंबई में बैठक हुई। बैठक में मौजूदा स्थिति को देखते हुए अभी से 10 प्रतिशत पानी कटौती शुरू करने का सुझाव दिया गया।
इसके बाद जलसंपदा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एकनाथ डवले को उपलब्ध जलसाठे और भविष्य की जरूरतों का आकलन कर उपाययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
महसूल मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के पेयजल स्रोत भविष्य में भी सुरक्षित रहें, इसके लिए अभी से पानी का नियोजन जरूरी है। आगामी एक महीने में जिन इलाकों में टैंकर से पानी पहुंचाने की नौबत आने की आशंका है, वहां नए घरों और निर्माण कार्यों पर भी प्रतिबंध लगाने की संभावना पर विचार किया जा रहा है।
पुणे शहर को पानी देने वाले खडकवासला, पानशेत, वरसगाव और टेमघर बांधों में इस वर्ष अच्छी बारिश के कारण पानी का भंडार 100 प्रतिशत तक पहुंचा है।
पिछले वर्ष की तुलना में फिलहाल करीब एक टीएमसी पानी कम है। इसके बावजूद अभी से पानी का नियोजन किया गया तो यह भंडार जुलाई के अंत तक शहर की जरूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त रहने का अनुमान है।
ऐसे में सवाल यह है कि जब पुणे के चारों बांधों में पानी भर चुका है, तो अभी से कटौती की तैयारी क्यों? प्रशासन का तर्क है कि राज्य के अन्य हिस्सों में संभावित जल संकट को देखते हुए उपलब्ध पानी को अगले वर्ष तक सुरक्षित रखना जरूरी है।
पुणे मनपा प्रशासन ने पानी बचाने के लिए वर्ष 2020-21 में भी सप्ताह में एक दिन पूरे शहर की जलापूर्ति बंद रखी थी। अब उसी व्यवस्था को दोबारा लागू करने की तैयारी की जा रही है।
यदि राज्य सरकार की ओर से 10 प्रतिशत कटौती का निर्णय लिया जाता है, तो पुणे में सप्ताह में एक दिन पानी बंद रखने का विकल्प लागू किया जा सकता है। प्रशासन का दावा है कि अभी से सीमित कटौती शुरू करने पर गर्मी के दिनों में पानी की किल्लत को टाला जा सकता है।
पिछले वर्ष बांधों में पर्याप्त पानी होने के बावजूद नियोजन के अभाव में शहर को एक दिन छोड़कर पानी देने की स्थिति बनी थी। इस बार ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए पहले से तैयारी शुरू की गई है।
नंदकिशोर जगताप, प्रमुख, जलापूर्ति विभाग, पुणे मनपा ने कहा कि राज्य सरकार पानी की उपलब्धता की समीक्षा कर रही है। बांधों में पानी के नियोजन को लेकर जलसंपदा विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा जारी है।
10 प्रतिशत पानी कटौती का निर्णय होने पर मनपा पूरी तरह तैयार है। वर्ष 2020-21 में भी पूरे साल सप्ताह में एक दिन पानी की आपूर्ति बंद रखी गई थी। अभी से कटौती शुरू करने पर मनपा सालाना करीब 14 प्रतिशत पानी बचा सकती है, जिससे गर्मी में शहर को राहत मिल सकती है।