Pune Water Crisis Leakage Shortage: शहर की तेजी से बढ़ती आबादी के अनुपात में पानी की आपूर्ति का सटीक नियोजन करने में पुणे महानगर पालिका पूरी तरह विफल साबित हो रही है। साल 2025-26 के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, पुणे की जनसंख्या लगभग 77 लाख 76 हजार तक पहुंच चुकी है।
इस विशाल आबादी के लिए नियम के अनुसार 21.03 टीएमसी पानी की आवश्यकता है, लेकिन इसके मुकाबले शहर के लिए केवल 14.61 टीएमसी पानी का कोटा ही मंजूर किया गया है। इसकी वजह से पुणेकरों के हक के पानी में करीब साढ़े छह टीएमसी की भारी किल्लत पैदा हो गई है।
राकांपा नगरसेवक दत्ता बहिरट द्वारा पूछे गए एक लिखित प्रश्न के उत्तर में मनपा के जलापूर्ति विभाग के मुख्य अभियंता ने इस गंभीर स्थिति को स्वीकार किया है। प्रशासन ने यह चौंकाने वाली बात भी मानी है कि शहर में कुल जलापूर्ति का करीब 32 प्रतिशत पानी केवल लीकेज (जल रिसाव) के कारण बर्बाद हो जाता है। पुराने शहर सहित मनपा में शामिल हुए नए 34 गांवों में पानी की यह बर्बादी धड़ल्ले से जारी है, जिसे रोकने में तंत्र नाकाम रहा है।
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वर्ष 2017 में जब आबादी 44 लाख के करीब थी, तब 16.96 टीएमसी पानी की जरूरत थी, लेकिन नौ साल बाद आबादी दोगुनी होने पर भी पानी का कोटा बढ़ने के बजाय घट गया है।
इसके अलावा, शहर में कुल कितने कुएं या बोरवेल हैं और उनसे रोजाना कितना पानी निकाला जा रहा है, इसका कोई भी आधिकारिक डेटा फिलहाल मनपा के पास उपलब्ध नहीं है।