

Water Crisis In Wardha: वर्धा जिले में हर साल की तरह इस बार भी गर्मी के दिनों में जलसंकट ने विकराल रूप धारण कर लिया है। इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष 'कृति प्रारूप' (Action Plan) तैयार किया है। इसके तहत अब तक 69 गांवों में जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 69 निजी कुओं का अधिग्रहण किया जा चुका है। जिला परिषद के ग्रामीण जलापूर्ति विभाग ने स्पष्ट किया है कि पेयजल की कमी को दूर करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
अप्रैल माह में वर्धा जिले ने गर्मी के पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। जिले का अधिकतम तापमान 46.5 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया है। इस भीषण तपिश के कारण स्थानीय जलाशयों और जल स्रोतों का स्तर तेजी से नीचे गिर रहा है। आर्वी, आष्टी और कारंजा जैसी तहसीलों के कई गांवों में स्थिति बेहद नाजुक हो गई है। प्रशासन ने दो चरणों में कृति प्रारूप को मंजूरी दी है, जिसमें कुल 876 उपाययोजनाओं के कार्यों को शामिल किया गया है।
जिप का ग्रामीण जलापूर्ति विभाग वर्तमान में नल योजनाओं की विशेष दुरुस्ती पर सबसे अधिक ध्यान दे रहा है। विभाग ने 278 प्रस्तावों को मान्यता दी है और कई स्थानों पर काम भी शुरू हो चुका है। इसके अलावा, कुओं की गहराई बढ़ाने और आवश्यकतानुसार नए बोरवेल निर्माण का कार्य भी प्रगति पर है। जिले में कुल 192 गांवों में 201 निजी कुओं के अधिग्रहण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 69 का काम पूरा हो चुका है।
तहसील कुआ आर्वी 06 आष्टी 03 कारंजा 13 वर्धा 15 सेलू 03 देवली 07 समुद्रपुर 09 हिंगनघाट 13 कुल : 69