पुणे में TCS महिला कर्मचारी ने रैपिडो ड्राइवर द्वारा किराया मांगने पर विवाद किया।
पैसे देने के बजाय महिला ने ड्राइवर को झूठे मामलों और उत्पीड़न की धमकी दी।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद बहस छिड़ गई।
TCS Woman Threatens Cab Driver: महाराष्ट्र के पुणे से एक हैरान कर देने वाला मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे एक वीडियो के अनुसार, एक महिला अपनी डेस्टिनेशन पर उतरते ही बिना किराया दिए आगे चलने लगी।
जब रैपिडो कैब ड्राइवर ने उससे अपनी सेवा का किराया मांगा, तो महिला ने पैसे देने के बजाय उल्टे ड्राइवर को ही झूठे मुकदमों और उत्पीड़न के गंभीर आरोपों में फंसाने की धमकी दे डाली। इस पूरी घटना के दौरान महिला के गले में TCS का आईडी कार्ड लटका हुआ दिखाई दे रहा है।
इस घटनाक्रम के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर गीग वर्कर्स के साथ होने वाले अन्यायपूर्ण बर्ताव को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है। दिन-रात कड़ी मेहनत करके ईमानदारी से अपनी आजीविका कमाने वाले ड्राइवरों के साथ इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना रवैये पर आम जनता काफी आक्रोशित है।
सोशल मीडिया पर यूजर्स लगातार यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या ईमानदारी से अपनी आजीविका कमाने वाले पुरुषों के साथ इस प्रकार का अनुचित व्यवहार करना जायज है?
वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए नेटिजन्स ने संबंधित आईटी कंपनी TCS और टाटा ग्रुप को सोशल मीडिया पर टैग किया है। लोगों का कहना है कि कॉर्पोरेट कंपनियों को अपने कर्मचारियों को पेशेवर नैतिकता, संवेदनशीलता और सही व्यवहार की ट्रेनिंग देनी चाहिए। यूजर्स ने कहा कि किसी को भी अपनी पद-प्रतिष्ठा या जेंडर कार्ड का गलत फायदा उठाकर बेकसूर लोगों को धमकाने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए।
गौरतलब है कि वायरल वीडियो के आधार पर ही यह पूरा दावा और क्लेम किया जा रहा है। हालांकि, यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से प्रसारित हो रहा है, लेकिन नवभारत इस वायरल वीडियो की सत्यता और प्रामाणिकता की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं करता है।