

Highlights
भारत-चीन सीमा पर LAC के कई इलाकों में सैनिकों के बीच आमना-सामना।
ITBP प्रमुख शत्रुजीत कपूर ने सीमा पर तनाव जारी रहने की बात कही।
अरुणाचल प्रदेश में LAC के पास चीनी सैनिकों के तंबू लगाने का दावा।
भारतीय सुरक्षा बलों ने जवाब में अग्रिम इलाकों में तैनाती की।
ITBP प्रमुख ने चीन का मुकाबला करने में ड्रोन की भूमिका पर जोर दिया।
रूस-यूक्रेन और ईरान-अमेरिका संघर्षों का उदाहरण देकर ड्रोन की अहमियत बताई।
India China Border New Tensions: भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर एक बार फिर तनाव बढ़ने की खबर है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश समेत सीमा के कई इलाकों में भारतीय सुरक्षा बलों और चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के जवानों के बीच आमना-सामना हो रहा है। उन्होंने कहा कि जुलाई से कई स्थानों पर तनाव बना हुआ है और कुछ जगहों पर स्थिति अब भी अनसुलझी है।
ITBP के एक कार्यक्रम में कपूर ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में सीमा पर कई स्थानों पर आमने-सामने आने की घटनाएं हुई हैं। उनके मुताबिक, कुछ जगहों पर यह स्थिति अब भी जारी है।
ITBP प्रमुख ने सीमा के अग्रिम इलाकों में चीनी सैनिकों की तैनाती का भी जिक्र किया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश के असाफिला और तवांग क्षेत्र के तक्षिंग के आसपास कुछ स्थानों पर चीनी PLA के जवानों ने भारत की LAC संबंधी धारणा से करीब 6 से 7 किलोमीटर दूर सैन्य तंबू लगाए हैं। कपूर के बयान के मुताबिक, भारतीय बलों ने भी जवाब में अपनी तैनाती की है, ताकि अपनी स्थिति बनाए रखी जा सके और किसी संभावित अतिक्रमण को रोका जा सके।
ITBP महानिदेशक ने आधुनिक युद्ध में ड्रोन की बढ़ती भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि चीन ने अपनी सैन्य क्षमताओं को आधुनिक बनाने में भारी निवेश किया है। ऐसे में केवल पारंपरिक सैन्य तरीकों से उसका मुकाबला करना भारत के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। कपूर ने रूस-यूक्रेन और ईरान-अमेरिका संघर्षों का उदाहरण देते हुए कहा कि ड्रोन छोटे देशों को भी बड़ी सैन्य शक्तियों के खिलाफ मुकाबला करने में मदद कर सकते हैं। उन्होंने यह दावा भी किया कि रूस हर महीने 10,000 से 15,000 सैनिक खो रहा है। हालांकि, इस आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
ITBP भारतीय सेना के साथ मिलकर चीन से लगी सीमा की सुरक्षा करती है। LAC के अलग-अलग हिस्सों को लेकर भारत और चीन की धारणाएं अलग हैं, जिसके कारण सीमा विवाद बना हुआ है। हाल के वर्षों में दोनों देशों ने तनाव कम करने के लिए कई दौर की सैन्य और कूटनीतिक बातचीत की है। इसके बावजूद सीमा पर सैनिकों की तैनाती और क्षेत्रीय दावों को लेकर मतभेद जारी हैं। उच्चस्तरीय राजनयिक संपर्कों के बावजूद सीमा पर तनाव की खबरें दोनों देशों के संबंधों के सामने बनी चुनौती को दर्शाती हैं।