रेहान वाड्रा की तस्वीरें हटाने वालों को शशि थरूर ने कहा थैंक्यू, कांग्रेस MP ने ली चुटकी, बताया क्या था जरूरी

Shashi Tharoor on Censorship: दिल्ली के बीकानेर हाउस में रेहान वाड्रा की फोटोग्राफी प्रदर्शनी से तस्वीरें हटाने पर विवाद बढ़ा। शशि थरूर और प्रियंका गांधी ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया।
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कांग्रेस सांसद शशि थरूर(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Highlights:

  • बीकानेर हाउस में रेहान वाड्रा की फोटोग्राफी प्रदर्शनी विवादों में घिरी

  • रिपोर्ट के मुताबिक, 105 में से लगभग 70 तस्वीरें हटाने को कहा गया

  • शशि थरूर ने सेंसरशिप और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल उठाए

Rehan Vadra Photography Exhibition Controversy: दिल्ली के बीकानेर हाउस में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा की फोटोग्राफी प्रदर्शनी से कुछ तस्वीरें हटाए जाने का विवाद अब राजनीतिक तूल पकड़ चुका है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस मामले पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों के फैसले को शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से एक स्वतंत्र और लोकतांत्रिक देश के रूप में भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचता है।

थरूर ने इस विवाद पर तंज कसते हुए यह भी कहा कि तस्वीरें हटाने के फैसले ने रेहान वाड्रा को उनकी प्रदर्शनी से कहीं अधिक प्रसिद्धी दिला दी। उन्होंने इसके लिए संबंधित अधिकारियों पर कटाक्ष करते हुए उनका शुक्रिया भी अदा किया।

थरूर ने सेंसरशिप पर उठाए सवाल

शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए इस पूरे घटनाक्रम पर चिंता जताई। उनके मुताबिक, बीकानेर हाउस प्रबंधन की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर अपनी नीतियां हो सकती हैं, लेकिन किसी विरोध प्रदर्शन को दर्शाने वाली तस्वीरें अपने आप में राजनीतिक गतिविधि नहीं बन जातीं।

थरूर ने तर्क दिया कि विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरें किसी घटना का कलात्मक दस्तावेज हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि अगर इस मामले में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया जाता, तो तस्वीरों को प्रदर्शित करने के पक्ष में दलील दी जा सकती थी।

थरूर ने आगे आरोप लगाया कि इस तरह की सेंसरशिप भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को कमजोर करती है। हालांकि, तस्वीरों को हटाने के फैसले की कानूनी वैधता पर अदालत का कोई निष्कर्ष इस मामले के विवरण में सामने नहीं आया है।

रेहान को मिली ज्यादा पब्लिसिटी

कांग्रेस सांसद ने विवाद पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि तस्वीरें हटाने की कार्रवाई ने रेहान वाड्रा की फोटोग्राफी को देश और दुनिया में ऐसी चर्चा दिला दी, जो संभवतः सामान्य परिस्थितियों में नहीं मिलती। उन्होंने अधिकारियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि रेहान के करियर को बढ़ावा देने के लिए वह उनका शुक्रिया अदा करते हैं।

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क्या है रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी से जुड़ा विवाद?

प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा की फोटोग्राफी प्रदर्शनी ‘नो आइडिया इज फाइनल’ दिल्ली के बीकानेर हाउस में आयोजित की गई थी। प्रदर्शनी में देश में हुए विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी तस्वीरें भी शामिल थीं।

रेहान के मुताबिक, प्रदर्शनी के उद्घाटन से करीब 24 घंटे पहले प्रबंधन ने उन्हें सूचित किया कि कुछ तस्वीरें आपत्तिजनक हो सकती हैं या संस्थान की नीति के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने प्रबंधन से आपत्तियों को लिखित रूप में देने का अनुरोध किया।

रेहान ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अगले दिन दोपहर करीब 12:30 बजे उन्हें जानकारी दी गई कि प्रदर्शनी में शामिल 105 तस्वीरों में से लगभग 70 को हटाना होगा। इस फैसले ने प्रदर्शनी के उद्घाटन से पहले विवाद खड़ा कर दिया।

बीकानेर हाउस प्रबंधन ने क्या कहा?

बीकानेर हाउस मैनेजमेंट सोसाइटी ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि कुछ तस्वीरें संस्थान की नीति के अनुरूप नहीं थीं, इसलिए उन्हें हटाने का अनुरोध किया गया। सोसाइटी के मुताबिक, बाकी तस्वीरें प्रदर्शनी में लगी हुई हैं।

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