महापौर मंजुषा नागपुरे व सारसबाग (सोर्स: डिजाइन फाेटो) 
पुणे

सुरक्षा कारणों से पुणे का प्रसिद्ध सारसबाग और गणपति मंदिर दो दिनों के लिए बंद; प्रशासन और पुलिस का बड़ा फैसला

Pune Law and Order: पुणे पुलिस के सुरक्षा निर्देशों के बाद सारसबाग और गणपति मंदिर को दो दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। महापौर मंजुषा नागपुरे ने गलत पोस्ट पर दी सफाई, जानें क्या है पूरा मामला।

गोरक्ष पोफली

Pune Sarasbaug Closed: महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी पुणे के सबसे प्रतिष्ठित और लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक सारसबाग और उसके भीतर स्थित ऐतिहासिक सिद्धिविनायक गणपति मंदिर को आगामी 28 और 29 मई के लिए पूरी तरह से बंद रखने का निर्णय लिया गया है। पुणे पुलिस द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों के बाद नगर निगम प्रशासन ने यह कदम उठाया है। इस दौरान किसी भी पर्यटक या श्रद्धालु को परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनी मुख्य वजह

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा संबंधी एहतियात बरतने के लिए यह फैसला लिया गया है। पुलिस विभाग ने नगर निगम को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि इन दो दिनों के दौरान संभावित भीड़ को नियंत्रित करना और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करना अनिवार्य है। हालांकि, पुलिस की ओर से किसी विशिष्ट खतरे का उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन इसे एक प्रिकॉशन मेजर के रूप में देखा जा रहा है।

सोशल मीडिया पर फैली भ्रम की स्थिति

इस घोषणा के बाद पुणे के नागरिकों के बीच काफी भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी। दरअसल, इसकी शुरुआत महापौर मंजुषा नागपुरे के एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई। उनके अकाउंट से किए गए शुरुआती पोस्ट में यह बताया गया था कि बगीचे को रखरखाव और मरम्मत कार्य के लिए बंद किया जा रहा है। जैसे ही यह खबर फैली, नागरिक सवाल उठाने लगे कि क्या अचानक मरम्मत के लिए इतने लोकप्रिय स्थल को बंद करना जरूरी था? इसके कुछ समय बाद, नागरिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वास्तविक कारण मरम्मत नहीं, बल्कि पुलिस विभाग द्वारा दिए गए सुरक्षा निर्देश हैं।

महापौर की सफाई और स्पष्टीकरण

भ्रम बढ़ता देख महापौर मंजुषा नागपुरे ने स्वयं इस मामले पर स्पष्टीकरण जारी किया। उन्होंने स्वीकार किया कि उनकी सोशल मीडिया टीम द्वारा अनजाने में गलत संदेश पोस्ट कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि पुलिस उपायुक्त (DCP) की ओर से मिली सूचना और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद ही यह निर्णय लिया गया है। महापौर ने नागरिकों से अपील की कि वे गलत सूचनाओं पर ध्यान न दें और प्रशासन का सहयोग करें।

पर्यटकों और स्थानीय लोगों में निराशा

सारसबाग न केवल एक धार्मिक केंद्र है, बल्कि पुणे के लोगों के लिए शाम बिताने का एक पसंदीदा स्थान भी है। छुट्टियों का सीजन होने के कारण यहाँ बड़ी संख्या में बाहर से आए पर्यटक और स्थानीय परिवार पहुँचते हैं। अचानक दो दिनों के लिए परिसर बंद होने से कई लोगों को निराशा हाथ लगी है। विशेष रूप से उन लोगों के लिए जो दूर-दराज से गणपति दर्शन के लिए आए थे।

प्रशासन की अपील

प्रशासन और पुलिस बल ने जनता से विनम्र अनुरोध किया है कि वे 28 और 29 मई के दौरान सारसबाग की ओर जाने से बचें। परिसर के बाहर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी अनहोनी को टाला जा सके और यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि 30 मई से परिसर को पुनः पूर्ववत खोल दिया जाएगा।

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