कानून सबके लिए समान है, लेकिन केवल शब्दों में; Pune Porsche Case आरोपी के जश्न वाले विडियो पर भड़के वडेट्टीवार

Pune Porsche Case के आरोपी विशाल अग्रवाल की जमानत के बाद जश्न मनाने के वीडियो पर विजय वडेट्टीवार ने तीखी नाराजगी जताई है। जानें वडेट्टीवार ने क्यों कहा कि कानून सिर्फ शब्दों में सबके लिए समान है।
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सांकेतिक फोटो (सोर्स: डिजाइन फोटो)
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Vijay Wadettiwar Slams Vishal Agarwal: पुणे पोर्शे कार हादसे और उसके बाद आरोपी परिवार द्वारा मनाए गए जश्न पर महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। विजय वडेट्टीवार ने इस घटना को अत्यंत अस्वस्थ करने वाला बताया है। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि इस हादसे में दो बेगुनाह युवाओं की जान चली गई और दो परिवार पूरी तरह तबाह हो गए, लेकिन इसके बाद जो तस्वीरें सामने आईं, वे समाज को झकझोर देने वाली हैं। उन्होंने आरोपी परिवार के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए पूछा कि इतनी बड़ी त्रासदी के बाद भी उनमें पश्चाताप और जिम्मेदारी की भावना का इतना अभाव क्यों है?

अहंकार और लापरवाही पर प्रहार

वायरल वीडियो जिसमें Pune Porsche Case के आरोपी विशाल अग्रवाल की जमानत के बाद जश्न मनाने के वीडियो पर विजय वडेट्टीवार ने तीखी नाराजगी जताई है। जानें वडेट्टीवार ने क्यों कहा कि कानून सिर्फ अमीर-गरीब के शब्दों में सिमट गया है? विशाल अग्रवाल को जश्न मनाते देखा गया है का संदर्भ देते हुए वडेट्टीवार ने कड़े शब्दों में पूछा कि इतनी बड़ी दुर्घटना के बाद भी यह अहंकार आता कहाँ से है?। विजय वडेट्टीवार ने आगे कहा कि जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, वे कभी वापस नहीं आएंगे और उनके घर हमेशा के लिए खाली हो गए हैं, फिर भी आरोपी पक्ष के व्यवहार में गंभीरता की कमी दिखना शर्मनाक है।

न्याय व्यवस्था और तंत्र पर गंभीर सवाल

विजय वडेट्टीवार ने इस मामले में प्रशासनिक और राजनीतिक दबाव के आरोपों पर भी चिंता जताई है। उन्होंने उल्लेख किया कि जिस तरह से सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप लगे और पूरी प्रक्रिया में संदेहास्पद बातें सामने आईं, उसने सामान्य नागरिक के मन में भारी गुस्सा पैदा कर दिया है। विजय वडेट्टीवार के अनुसार, यदि ऐसी गंभीर घटनाओं के बाद भी कानून की मशीनरी कठोरता से काम नहीं करती, तो आम आदमी का न्याय व्यवस्था पर से विश्वास डगमगा जाएगा। उन्होंने वर्तमान स्थिति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि, कानून सबके लिए समान है, लेकिन केवल शब्दों में।

क्या है पुणे पोर्शे कार हादसा?

पुणे पोर्शे कार हादसा 19 मई 2024 को पुणे के कल्याणी नगर में हुआ था। बिल्डर विशाल अग्रवाल के 17 वर्षीय नाबालिग बेटे ने शराब के नशे में अपनी तेज रफ्तार पोर्शे कार से एक बाइक को टक्कर मार दी थी, जिसमें मध्य प्रदेश के दो युवा आईटी इंजीनियरों, अनीश अवधिया और अश्विनी कोस्टा की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने आरोपी को मात्र 15 घंटे में इस शर्त पर जमानत दे दी कि वह सड़क सुरक्षा पर 300 शब्दों का निबंध लिखेगा। इस सजा को लेकर देश भर में न्याय व्यवस्था पर सवाल उठे थे।

विशाल अग्रवाल को जमानत मिलने के बाद इस तरह का सार्वजनिक प्रदर्शन अमीरों के प्रभाव और कानून के प्रति उनके उपेक्षापूर्ण रवैये को दर्शाता है। यह जश्न रसूखदार परिवारों की नैतिक गिरावट और न्याय व्यवस्था की चुनौतियों पर एक गंभीर बहस छेड़ चुका है।

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