पुणे प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे (सौ. सोशल मीडिया ) 
पुणे

पुणे में 4 लाख संपत्तियां टैक्स दायरे से बाहर, ड्रोन सर्वे से खुल सकती है करोड़ों की टैक्स चोरी

Pune Property Tax Scam: पुणे मनपा की बड़ी लापरवाही के कारण 4 लाख से ज्यादा संपत्तियां अब तक प्रॉपर्टी टैक्स के दायरे से बाहर हैं। अब 3डी ड्रोन सर्वे के जरिए टैक्स चोरी पकड़ने की तैयारी शुरू है।

अपूर्वा नायक

Pune Property Tax Scam News: पुणे महानगर पालिका के राजस्व विभाग की बड़ी लापरवाही और तकनीकी खामियों के कारण शहर की 4 लाख से अधिक संपत्तियां अब तक प्रॉपर्टी टैक्स के दायरे से बाहर हैं। इतना ही नहीं, कई इमारतों में उपयोग बदलने के बावजूद रिकॉर्ड अपडेट नहीं किए गए हैं।

इसके चलते मनपा को हर वर्ष करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। अब महाप्रित के 3डी ट्विन ड्रोन सर्वेक्षण से टैक्स चोरी और रिकॉर्ड से बाहर संपत्तियों पहचान आसान होने की उम्मीद जगी है।

पारदर्शिता की कमी के लग रहे आरोप

  • मनपा प्रशासन के अनुसार शहर में तेजी से नई आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाएं विकसित हो रही हैं, लेकिन टैक्स दायरे में आने वाली संपत्तियों की संख्या उम्मीद से काफी कम है।
  • नियमों के मुताबिक, पूर्णता प्रमाणपत्र मिलने के बाद बिल्डर या संपत्ति मालिक को टैक्स निर्धारण के लिए आवेदन करना आवश्यक होता है।
  • इसके बाद संपत्तियों की माप लेकर कर तय किया जाता है। हालांकि, यह प्रक्रिया धीमी है और इसमें पारदर्शिता की कमी मानी जा रही है।

तो हजारों करोड़ की अतिरिक्त आय संभव

  • महाप्रित ने आपदा प्रबंधन परियोजना के अंतर्गत पूरे शहर का 3डी ट्विन ड्रोन सर्वेक्षण किया है। इस सर्वेक्षण के माध्यम से इमारतों, सड़कों और संपत्तियों का डिजिटल डेटा तैयार किया गया है।
  • रोन तकनीक की मदद से टैक्स भरने वाली और टैक्स के दायरे से बाहर की संपत्तियों की अलग-अलग जानकारी जुटाई गई है।
  • प्रायोगिक आधार पर किए गए परीक्षण में केवल १० संपत्तियों से ही करीब 75 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलने की संभावना सामने आई है। इनमें से 78 संपत्तियों से 55 करोड़ रुपये और 12 संपत्तियों से 20 करोड़ रुपये की वसूली का अनुमान लगाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि पूरे शहर का डेटा लागू किया गया, तो हजारों करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय संभव हो सकती है।

महाप्रित ने मांगा वसूली गई रकम का 30 प्रतिशत

महाप्रित ने इस सर्वेक्षण और डेटा विश्लेषण के एवज में वसूली गई रकम का 30 प्रतिशत भुगतान मांगा है। प्रॉपर्टी टैक्स विभाग ने इस मांग को अत्यधिक बताते हुए फिलहाल इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी है। इसी कारण यह पूरी योजना अभी अटकी हुई है। प्रशासन का मानना है कि यदि इन 4 लाख संपत्तियों को टैक्स के दायरे में लाया गया, तो पुणे मनपा को 1 हजार करोड़ से अधिक का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हो सकता है। इससे शहर की सड़क, पानी, स्वच्छता और अन्य विकास परियोजनाओं को बड़ी आर्थिक मजबूती मिलेगी।

ड्रोन सर्वेक्षण से क्या होगा फायदा

  • टैक्स चोरी करने वाली संपत्तियों की पहचान आसान होगी
  • उपयोग बदलने वाली इमारतों का रिकॉर्ड तुरंत अपडेट होगा
  • एक क्लिक पर सभी संपत्तियों का डिजिटल डेटा उपलब्ध रहेगा
  • राजस्व वसूली प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।

प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती

  • कई व्यावसायिक उपयोग वाली संपत्तियों का डेटा अपडेट नहीं
  • धीमी प्रक्रिया के कारण टैक्स निर्धारण में देरी
  • तकनीकी सर्वेक्षण पर भुगतान विवाद से योजना अटकी।

नेपाल में जलप्रलय से यूपी-बिहार पर आफत, सरकार ने बुलाई इमरजेंसी मीटिंग, इन जिलों में तबाही का हाई अलर्ट

कर्नाटक वाल्मीकि निगम मामले में घिरे नागेंद्र, BJP ने बनाया दबाव, इस्तीफे की अटकलों पर खुद दिया जवाब

जिनेवा में भारत का करारा जवाब, आखिर किस UN रिपोर्ट पर भड़का विदेश मंत्रालय? वैश्विक मंच पर दी सख्त चेतावनी

Indigo Flight 6E231 में बम की धमकी से हड़कंप, बेंगलुरु में सुरक्षित लैंडिंग, जांच में निकली अफवाह

इस्लाम में बुर्का नहीं, पर्दा जरूरी! इलाहाबाद हाईकोर्ट के हिजाब फैसले पर प्यारे खान का बड़ा बयान