पुणे मनपा का बड़ा फैसला: सफाई व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी अब ठेकेदारों पर; हर 15 दिन में सौंपनी होगी रिपोर्ट

Pune Municipal Corporation: पुणे मनपा आयुक्त नवल किशोर राम ने शहर की सफाई की पूरी जवाबदेही ठेकेदारों पर तय कर दी है। अब लापरवाही पर सीधे ठेकेदार जिम्मेदार होंगे और 15 दिन में समीक्षा होगी।
PMC chief Naval Kishore Ram made contractors entirely responsible for Pune's cleanliness, ordering mandatory progress reviews every 15 days to tackle waste issues
पुणे मनपा सफाई व्यवस्था डिजाइन फोटो (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Pune Municipal Corporation Waste Management: पुणे शहर में बढ़ती गंदगी और विभिन्न क्षेत्रों में जमा हो रहे अतिरिक्त कचरे को लेकर पुणे महानगर पालिका प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। अब सार्वजनिक स्थानों की सफाई व्यवस्था और झाड़ कार्य की पूरी जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदारों को सौंपी गई है। यदि किसी क्षेत्र में गंदगी या सफाई व्यवस्था को लेकर शिकायत मिलती है, तो संबंधित ठेकेदार को सीधे जिम्मेदार माना जाएगा।

यह जानकारी मनपा आयुक्त नवल किशोर राम ने दी। सोमवार को हुई महानगर पालिका की सर्वसाधारण सभा में सभी दलों के नगरसेवकों ने शहर में बढ़ती गंदगी और जगह-जगह जमा कचरे को लेकर प्रशासन को घेरा।

175 टन क्षमता वाले दो प्रकल्प हुए बंद

नगरसेवकों ने केशवनगर स्थित कचरा प्रक्रिया प्रकल्प के बंद होने और अन्य प्रकल्पों के कम क्षमता से संचालित होने का मुद्दा उठाया। प्रशासन ने स्वीकार किया कि केशवनगर के करीब 175 टन क्षमता वाले दो प्रकल्प बंद हैं। वहीं, सूस स्थित नोबल कंपनी और रामटेकड़ी स्थित पूना बायो एनर्जी प्रकल्प भी कम क्षमता से चल रहे हैं।

इसके कारण प्रतिदिन लगभग 300 से 350 टन अतिरिक्त कचरा जमा हो रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आयुक्त राम ने घनकचरा व्यवस्थापन विभाग और कचरा प्रक्रिया प्रकल्प संचालकों की बैठक बुलाई। बैठक में अतिरिक्त आयुक्त प्रजित नायर, विभाग प्रमुख संतोष वारुले और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

15 दिन में समीक्षा अनिवार्य

आयुक्त राम ने बताया कि शहर की सफाई व्यवस्था मुख्य रूप से ठेकेदारों के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों पर निर्भर है। अब तक इन कर्मचारियों की उपस्थिति और कार्य पर मोकादम नजर रखते थे, लेकिन लगातार शिकायतें मिल रही थीं।

इसलिए अब कर्मचारियों की उपस्थिति से लेकर संबंधित क्षेत्र की सफाई तक की पूरी जिम्मेदारी ठेकेदारों को सौपने का निर्णय लिया गया है। नए निर्देशों के अनुसार, मौकादम सुबह साढ़े सात से साढ़े नौ बजे तक कोठी में मौजूद रहेंगे और उसके बाद संबंधित क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगे। सफाई कार्य की समीक्षा रिपोर्ट प्रत्येक 15 दिन मेष विभाग के माध्यम से आयुक्त कार्यालय को भेजना अनिवार्य किया गया है।

कचरा ढोने वाले वाहनों की कमी

कचरा परिवहन व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन ने सुधारात्मक कदमों की घोषणा की है। शहर में कचरा ढोने वाले वाहनों की कमी को स्वीकार करते हुए आयुक्त ने कहा कि वाहनों की संख्या जल्द बढ़ाई जाएगी, घनकचरा विभाग और वाहन विभाग के बीच समन्वय की कमी के कारण कई समस्याएं सामने आ रही है।

इसे दूर करने के लिए जल्द ही वाहन डिपो की जिम्मेदारी भी घनकचरा विभाग को सौंपने की तैयारी है। इसके अलावा, चिकन वेस्ट के निस्तारण के लिए अलग प्रणाली विकसित की जाएगी। इसके लिए नए वाहन खरीदे जाएंगे और विशेष प्रक्रिया प्रकल्प भी शुरू किए जाएंगे। आयुक्त राम ने बताया कि सूस स्थित नोबल प्रकल्प फिलहाल 40 टन क्षमता से संचालित हो रहा है, जिसे बढ़ाकर 100 टन तक किया जाएगा।

पुणे शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रशासन ने ठेकेदारों की जिम्मेदारी बढ़ाई है। कचरा निस्तारण में तेजी लाने और जनसमस्याओं को तुरंत हल करने का लक्ष्य तय किया गया है।

- नवल किशोर राम, मनपा आयुक्त

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