पुणे नगर निगम अस्पतालों के उन्नयन की योजना (सौ. सोशल मीडिया ) 
पुणे

कमला नेहरू अस्पताल का दबाव कम होगा, Pune PMC करेगी 11 अस्पतालों का कायाकल्प

Pune PMC Upgrade 11 Hospitals: पुणे महानगरपालिका 90 करोड़ रुपये की योजना के तहत 11 अस्पतालों को जनरल हॉस्पिटल में बदल रही है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं का विकेंद्रीकरण होगा।

अपूर्वा नायक

Pune PMC Upgrade 11 Hospitals Plan 2026: पुणे महानगरपालिका अपने मौजूदा बुनियादी ढांचे को अपग्रेड कर स्वास्थ्य सेवाओं का विकेंद्रीकरण कर रही है।

वर्तमान में शहर का पूरा भार कमला नेहरू अस्पताल पर है, जिसे कम करने के लिए राजीव गांधी (येरवडा), लायगुडे (वडगांव) और संजय गांधी (बोपोडी) जैसे 11 अस्पतालों को जनरल हॉस्पिटल का दर्जा दिया जाएगा।

स्थायी समिति अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले और महापौर मंजुषा नागपुरे के नेतृत्व में इस योजना के लिए 90 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके तहत मनपा प्रशासन ने शहर के 6 प्रसूति गृह और 5 ओपीडी अस्पतालों को अत्याधुनिक जनरल अस्पताल के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।

बुनियादी ढांचे के निरीक्षण की रिपोर्ट तैयार

इन अस्पतालों में न केवल बिस्तरों की संख्या बढ़ाई जाएगी, बल्कि इन्हें डॉ। नीना बोराडे (स्वास्थ्य प्रमुख) की देखरेख में आधुनिक डायग्नोस्टिक मशीनों और विशेषज्ञ डॉक्टरों से लैस किया जाएगा। मनपा का भवन और विद्युत विभाग संयुक्त रूप से बुनियादी ढांचे का निरीक्षण कर विस्तार की रिपोर्ट तैयार कर रहा है। 6 महीनों में यह सुविधा शुरू होने से रोजाना 10 हजार मरीजों को निजी अस्पतालों जैसी गुणवत्तापूर्ण मिल सकेगी।

अत्याधुनिक हास्पिटल के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया तेज

शहर की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए पुणे महानगरपालिका ने बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत मनपा की स्थायी समिति के अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले की बजट घोषणा पर वास्तविक रुप में अमल शुरू हो गया है। मनपा प्रशासन ने शहर के 6 प्रसूति गृह और 5 ओपीडी अस्पतालों को अत्याधुनिक जनरल अस्पताल के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस परियोजना के लिए मनपा बजट में 90 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

कमला नेहरू अस्पताल पर बढ़ा दबाव

वर्तमान में पुणे मनपा के पास कमला नेहरू अस्पताल के रूप में केवल एक मुख्य जनरल हॉस्पिटल है। शहर की बढ़ती आबादी और स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग को देखते हुए यह पर्याप्त नहीं माना जा रहा। बेहतर इलाज के लिए मरीजों को निजी अस्पतालों या ससून जैसे सरकारी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है। इसी स्थिति को देखते हुए महापौर मंजुषा नागपुरे और स्थायी समिति अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले ने शहर के 11 चिकित्सा केंद्रों को जनरल हॉस्पिटल के रूप में तैयार करने का निर्णय लिया है।

इन अस्पतालों का होगा कायाकल्प

  • राजीव गांधी अस्पताल, येरवडा
  • लायगुडे अस्पताल, वडगांव
  • संजय गांधी अस्पताल, बोपोडी
  • दलवी अस्पताल, शिवाजीनगर
  • मालती काची अस्पताल, गाडीखाना
  • सोनावणे प्रसूति गृह, भवानी पेठ
  • राजमाता जिजाऊ नर्सिंग होम
  • धनकवडी अस्पताल
  • शिवरकर अस्पताल, वानवडी
  • सुतार अस्पताल, कोथरुड
  • खेडेकर अस्पताल, बोपोडी

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