पायल झांबरे आत्महत्या मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने का प्रयास।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने परिजनों को दिया आश्वासन।
दहेज उत्पीड़न मामले में पति, सास और ससुर गिरफ्तार।
Pune Payal Jhambre Suicide Fast Track Court: पुणे के पायल झांबरे आत्महत्या मामले में पीड़ित परिवार को जल्द न्याय दिलाने के लिए राज्य सरकार फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराने का प्रयास करेगी। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पायल के माता-पिता और परिजनों से फोन पर बातचीत कर उन्हें यह भरोसा दिलाया है।
उन्होंने कहा कि मामले के आरोपियों को कठोर सजा दिलाने के लिए सरकार की ओर से कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। यह बातचीत शिवसेना के पुणे शहर प्रमुख प्रमोद नाना भानगिरे की पहल पर हुई।
पायल की मौत के बाद से ही उसका परिवार आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और जल्द न्याय की मांग कर रहा है। इसी सिलसिले में प्रमोद नाना भानगिरे ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से संपर्क किया और पायल के परिजनों की उनसे फोन पर बातचीत कराई। इस दौरान परिवार ने अपनी पीड़ा बताते हुए मामले की सुनवाई जल्द पूरी कराने और दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग रखी।
परिजनों की बात सुनने के बाद शिंदे ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि सुनवाई में अनावश्यक देरी न हो, इसके लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामला चलाने की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा। साथ ही आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।
पायल के मायके पक्ष ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद से ही उसे ससुराल में दहेज के लिए परेशान किया जा रहा था। परिवार के मुताबिक, ससुराल पक्ष की ओर से पायल से पैसों और सोने के गहनों की मांग की जाती थी। मांग पूरी नहीं होने पर उसे कथित तौर पर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।
परिजनों का कहना है कि लगातार होने वाली प्रताड़ना से परेशान होकर पायल ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। परिवार ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच करने और सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
पायल के भाई ऋषिकेश पवार की शिकायत के आधार पर पुणे शहर की स्वारगेट पुलिस ने मामला दर्ज किया है। शिकायत में पति अक्षय झांबरे, सास मंगल झांबरे, ससुर अरविंद झांबरे और ननद अक्षता झांबरे-निम्हण को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पति, सास और ससुर को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, ननद के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। पीड़ित परिवार की मांग है कि जांच जल्द पूरी कर आरोपियों के खिलाफ अदालत में प्रभावी पैरवी की जाए, ताकि पायल को जल्द न्याय मिल सके। अब सभी की नजरें पुलिस जांच और सरकार की ओर से फास्ट ट्रैक सुनवाई को लेकर उठाए जाने वाले कदमों पर टिकी हैं।