

राजू शेट्टी की चेतावनी, मांग नहीं मानी तो तीन जिलों में बंद।
गन्ने की पहली किस्त ₹4,200 प्रति टन देने की मांग।
पुणे-बेंगलुरु हाईवे पर तीसरे दिन भी आंदोलन, ट्रक चालक परेशान।
Maharashtra Sugarcane Price: स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के नेता राजू शेट्टी ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने गन्ने की कीमत बढ़ाने के बारे में जल्द कोई फैसला नहीं लेती है तो शुक्रवार को सातारा, सांगली और कोल्हापुर जिलों को बंद कर दिया जाएगा।
उन्होंने सरकार से गन्ना किसानों को 4200 रुपये प्रति टन के हिसाब से दाम देने की मांग की है। शेट्टी ने साफ किया है कि अगर यह मांग नहीं मानी गई तो हमारा आंदोलन और तेज होगा। हेंगे, किसान नेता ने कहा कि सरकार हमारी मांगों को नज़रंदाज कर रही है।
अगर किसानों की मांग को गंभीरता से नहीं लिया गया तो इसके गंभीर परिणाम सरकार को भुगतने होंगे। अगर सरकार ने किसानों की दिवाली खराब की तो हम उन्हें भी आराम से त्यौहार नहीं मनाने देंगे, गन्ने के उचित मूल्य की मांग को लेकर पूर्व सांसद राजू शेट्टी के नेतृत्व में स्वाभिमानी शेतकरी संगठन का पुणे-बेंगलुरु राष्ट्रीय महामार्ग पर आंदोलन गुरुवार को तीसरे दिन भी जारी रहा।
गन्ने की पहली किस्त 4,500 रुपये देने की मांग के साथ शुरू हुए इस आंदोलन में अब किसानों की सहमति से संगठन ने 4,200 रुपये प्रति टन की नई मांग रखी है। चीनी मिल संचालक 3,800 रुपये से अधिक देने को तैयार नहीं है।
इकिसानों ने मांगें मंजूर होने तक महामार्ग से पीछे नहीं हटने का ऐलान किया है। बुधवार को भी हजारों किसानों ने किणी टोल नाके पर डेरा डालकर पुणे-बेंगलुरु महामार्ग को रोके रखा। सातारा जिले के नागठाणे में भी आंदोलन जारी रहने से महामार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ।
स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के आंदोलन के कारण पुणे-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया है। पिछले दो दिनों से हाईवे पर फंसे ट्रक चालकों का धैर्य गुरुवार को जवाब दे गया। भोजन और पानी के अभाव से परेशान चालकों ने दोपहर करीब तीन बजे पुणे की और जाने वाले मार्ग पर धरना देकर यातायात रोक दिया।
इससे क्षेत्र में वाहनों की लंबी कतारें लग गई। मुंबई शहर और पुणे से कोल्हापुर, सांगली तथा बेंगलुरु की ओर जाने वाले हजारों भारी ट्रक और कंटेनर सातारा जिले में हाईवे के किनारे फंसे हुए हैं। लंबे समय से रास्ते में अटके रहने के कारण ट्रक चालकों को भोजन और पीने के पानी तक के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है, इसी से नाराज होकर चालक सड़क पर उतर आए और उन्होंने पुणे की दिशा में जाने वाला मार्ग रोक दिया। अचानक हुए इस प्रदर्शन से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस ने चालकों को समझाया और आंदोलन वापस लेने की अपील की।