पार्थ पवार  सोर्स- सोशल मीडिया
पुणे

पुणे मुंढवा जमीन घोटाला: EOW ने सांसद पार्थ पवार को जारी किया नोटिस, 21 करोड़ के स्टांप शुल्क पर पूछताछ

Parth Pawar EOW Notice: पुणे के मुंढवा जमीन घोटाले में ईओडब्ल्यू ने सांसद पार्थ पवार को नोटिस जारी किया है। 40 एकड़ जमीन के विवादित सौदे और 21 करोड़ के स्टांप शुल्क मामले में पूछताछ होगी।

रूपम सिंह

Highlights

  • मुंढवा जमीन सौदे में पुणे पुलिस ने सांसद पार्थ पवार को नोटिस जारी किया।

  • 40 एकड़ जमीन के सौदे में 21 करोड़ रुपये के स्टांप शुल्क का विवाद।

  • निलंबित अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की जांच जारी।

Pune Mundhwa Land Scam: पुणे के मुंढवा स्थित कथित जमीन घोटाले में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने सांसद पार्थ पवार को नोटिस जारी किया है। पुलिस अमेडिया एंटरप्राइजेज से जुड़े 40 एकड़ जमीन के विवादित सौदे में उनकी संभावित भूमिका स्पष्ट करने के लिए उनका बयान दर्ज करना चाहती है।

जांच के दौरान संबंधित कंपनी के साथ उनके कथित संबंधों और शीतल तेजवानी, दिग्विजय पाटिल समेत अन्य लोगों से उनके संपर्कों के बारे में जानकारी जुटाई जा सकती है।

40 एकड़ जमीन सौदे की जांच

यह मामला पुणे शहर के मुंढवा क्षेत्र की 40 एकड़ जमीन को अमेडिया एंटरप्राइजेज को बेचने से जुड़ा है। जमीन हस्तांतरण में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद यह सौदा जांच के दायरे में आया। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पार्थ पवार को इस सौदे की कितनी जानकारी थी और संबंधित लोगों के साथ उनके क्या संबंध थे। हालांकि, नोटिस जारी होना अपने आप में किसी की संलिप्तता का प्रमाण नहीं है।

21 करोड़ रुपये के स्टांप शुल्क का विवाद

इस जमीन सौदे में करीब 21 करोड़ रुपये का स्टांप शुल्क नहीं चुकाए जाने का आरोप है। इसी कथित वित्तीय अनियमितता के कारण मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। जांच के अनुसार, शीतल तेजवानी के पास 272 जमीन मालिकों की ओर से मुख्तारनामा था। इसी के माध्यम से जमीन की बिक्री की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई थी।

निलंबित अधिकारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में

मामले में निलंबित तहसीलदार सूर्यकांत येवले पर जमीन सौदे से संबंधित अनुचित आदेश देने का आरोप है। निलंबित सब रजिस्ट्रार रवींद्र बालकृष्ण तरु की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस संबंधित अधिकारियों के फैसलों और जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया की पड़ताल कर रही है।

शीतल तेजवानी और दिग्विजय पाटिल के खिलाफ आरोपपत्र

पुलिस शीतल तेजवानी और दिग्विजय पाटिल के खिलाफ पहले ही आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। अब जांच में सौदे से जुड़े घटनाक्रम, अधिकारियों की भूमिका और अन्य संभावित कड़ियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। पार्थ पवार का बयान दर्ज किए जाने से मामले में उनकी जानकारी और कथित संबंधों को लेकर स्थिति स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है।

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