Pune Equitable Water Supply News: मोहम्मदवाड़ी क्षेत्र में नए पानी के कनेक्शन के लिए लाइसेंसधारी प्लंबरों द्वारा कथित रूप से मनमानी राशि वसूले जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस मुद्दे पर संज्ञान लेते हुए हडपसर के विधायक चेतन तुपे ने सोमवार को पुणे महानगर पालिका (पीएमसी) प्रशासन से तत्काल स्पष्टीकरण की मांग की है। विधायक तुपे ने कड़े शब्दों में कहा कि मोहम्मदवाड़ी के नागरिकों का किसी भी स्वार्थी तत्व द्वारा आर्थिक शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हाउसिंग सोसायटियों से अवैध वसूली के लगे आरोप विधायक तुपे के अनुसार, क्षेत्र की कई हाउसिंग सोसायटियों ने शिकायत दर्ज कराई है कि नए कनेक्शन की प्रक्रिया के नाम पर कुछ लाइसेंसधारी प्लंबर लगभग 50,000 रुपये तक की भारी-भरकम राशि मांग रहे हैं। इस पर चिंता व्यक्त करते हुए तुपे ने कहा कि नागरिकों को ऐसा अनधिकृत और मनमाना शुल्क चुकाने के लिए विवश करना पूरी तरह गलत है। विधायक ने मनपा प्रशासन से कई बिंदुओं पर स्पष्टता मांगी है। इसके तहत, अधिकृत - शुल्क, उत्तरदायित्व, पक्की रसीद देना
अनिवार्य करने की मांग की गई है। विधायक का कहना है कि प्रशासन सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट करे कि नए पानी के कनेक्शन के लिए निर्धारित सरकारी शुल्क कितना है। टैपिंग पॉइंट तक आंतरिक पाइप लाइन बिछाने का कार्य
सोसायटियों का है, लेकिन मुख्य जलवाहिनी से कनेक्शन देना मनपा का उत्तरदायित्व है। इसी तरह, नागरिकों से वसूला गया कोई भी शुल्क मनपा के रिकॉर्ड में दर्ज होना चाहिए और उसकी अधिकृत रसीद दी जानी चाहिए,
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पुणे शहर में मनपा के अंतर्गत लगभग 2,700 लाइसेंसधारी प्लंबर कार्यरत हैं। विधायक तुपे ने कहा कि ये सभी प्लंबर प्रशासन के प्रति जवाबदेह है। यदि कोई प्लंबर नियमों का उल्लंघन कर अतिरिक्त वसूली में संलिप्त पाया जाता है, तो प्रशासन को तत्काल उसका लाइसेंस रद्द कर अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी चाहिए। प्रभाग क्रमांक 41 के पूर्व नगरसेवक निवृत्ती बांदल ने भी इस मुद्दे का समर्थन करते हुए 50 हजार रुपये की मांग को अनुचित बताया है।
मोहम्मदवाड़ी की विभिन्न सोसायटियों के निवासियों ने इस वसूली के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। नागरिकों को उम्मीद है कि विधायक की इस पहल के बाद प्रशासन जल्द ही नई गाइडलाइन्स जारी करेगा, जिससे भ्रष्टाचार और मनमानी पर लगाम लग सकेगी।