Pune MLC Graduates Teachers Election Preparations: महाराष्ट्र विधान परिषद के पुणे विभाग स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। विभागीय आयुक्त कार्यालय में दोनों निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े समन्वय अधिकारियों की बैठक आयोजित कर चुनावी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों को आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ जिम्मेदारियां समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार पुणे विभाग स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मतदान 23 अक्टूबर 2026 को होगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को निर्धारित है।
बैठक की अध्यक्षता चुनाव निर्णय अधिकारी एवं विभागीय आयुक्त शीतल तेली-उगले ने की। इस दौरान अतिरिक्त आयुक्त तुषार ठोंबरे सहित नोडल अधिकारी और पुणे विभाग के पांचों जिलों के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
विभागीय आयुक्त ने कहा कि प्रत्येक अधिकारी को चुनाव से संबंधित अपनी जिम्मेदारी और उससे जुड़े कार्यों की स्पष्ट जानकारी होनी चाहिए। सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल के साथ समयबद्ध तरीके से काम पूरा करना जरूरी है।
अधिकारियों को चुनाव से जुड़े नियमों और प्रावधानों का अच्छी तरह अध्ययन करने के निर्देश दिए गए। स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता मतपत्र पर उम्मीदवारों के लिए अपनी पसंद का क्रम दर्ज करते हैं। इसके अलावा आदर्श आचार संहिता सहित चुनाव से जुड़े अन्य प्रावधान लागू रहते हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी महाराष्ट्र की वेबसाइट पर भी 2026 के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से संबंधित चुनावी जानकारी तथा मतदाता सूची उपलब्ध कराई गई है।
बैठक में मतगणना व्यवस्था को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए। अधिकारियों को बताया गया कि इस प्रकार के चुनाव में मतगणना प्रक्रिया सामान्य चुनावों की तुलना में अधिक समय ले सकती है। इसलिए मतगणना केंद्रों पर अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आवश्यक सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में चुनाव से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों के लिए पूर्व नियोजन, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता और संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया।
पुणे विभाग के अंतर्गत पुणे, सोलापुर, सातारा, सांगली और कोल्हापुर जिले आते हैं। आधिकारिक चुनावी दस्तावेजों में इन पांचों जिलों को पुणे विभाग स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के अधिकार क्षेत्र में शामिल किया गया है।
प्रशासन का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के अनुसार सुचारु रूप से पूरा करना है। इसके लिए मतदान से लेकर मतगणना तक प्रत्येक चरण की तैयारी और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारियों की निगरानी की जा रही है।