पुणे में ₹4,427 करोड़ का फर्जी प्रेषण मामला: दो चार्टर्ड अकाउंटेंट पर FIR दर्ज, आयकर विभाग और पुलिस जांच तेज

Pune Crime News: पुणे में ₹4,427.92 करोड़ के लेन-देन में फर्जी 15CA-15CB फॉर्म तैयार करने के आरोप में दो सीए पर FIR दर्ज की गई है। पुलिस व आयकर विभाग शेल कंपनियों की जांच में जुटे हैं।
₹4,427 crore fraudulent remittance case in Pune: FIR registered against two Chartered Accountants
प्रतीकात्मक तस्वीरसोर्स- सोशल मीडिया
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Pune CA Fake 15CB Certificate Foreign Remittance Case: पुणे शहर में ₹4,427.92 करोड़ के कथित विदेशी लेन-देन और कर चोरी से जुड़ा मामला सामने आया है। कोंढवा-येवलेवाड़ी पुलिस ने दो चार्टर्ड अकाउंटेंट के खिलाफ कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज और ऑडिट रिपोर्ट तैयार करने तथा शेल कंपनियों के जरिए विदेश में धन भेजने में मदद करने के आरोप में मामला दर्ज किया है।

दो चार्टर्ड अकाउंटेंट के खिलाफ केस

पुलिस के अनुसार अंकुश कुमार सुरेशचंद बागरेचा और मोहित तोड़ी के खिलाफ कोंढवा-येवलेवाड़ी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। दोनों MS OD & Associates से जुड़े बताए गए हैं। मामले में शिकायत निगड़ी प्राधिकरण निवासी तन्मयी सुहास देसाई ने दर्ज कराई है।

फर्जी 15CB प्रमाणपत्र तैयार करने का आरोप

शिकायत के अनुसार आरोपियों ने अन्य लोगों के साथ मिलकर कथित तौर पर ऐसी कंपनियों के लेन-देन की पर्याप्त पुष्टि किए बिना फॉर्म 15CB प्रमाणपत्र तैयार किए। आरोप है कि संबंधित लेन-देन के समर्थन में आवश्यक और प्रामाणिक दस्तावेज भी प्राप्त नहीं किए गए।

पुलिस के मुताबिक इन प्रमाणपत्रों को आयकर विभाग के समक्ष वास्तविक दस्तावेज के तौर पर प्रस्तुत किए जाने का आरोप है।

15CA प्रमाणपत्र अपलोड करने का भी आरोप

मामले में यह भी आरोप लगाया गया है कि संदिग्धों ने ऐसा करने का अधिकार नहीं होने के बावजूद आयकर विभाग के पोर्टल पर फॉर्म 15CA प्रमाणपत्र तैयार कर उन्हें अपलोड किया। पुलिस अब इन दस्तावेजों और संबंधित विदेशी लेन-देन की जांच कर रही है।

तीन कंपनियों से जुड़े लेन-देन

पुलिस के अनुसार कथित लेन-देन 2022 से 2026 के बीच तीन कंपनियों के लाभ के लिए किए गए। इस अवधि में करीब ₹4,427 करोड़, ₹92 लाख, ₹44 हजार और ₹408 की विदेशी धनराशि भेजे जाने का आरोप है।

पुलिस का कहना है कि इन लेन-देन से कथित तौर पर कर चोरी हुई और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचने की आशंका है।

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विदेश भेजे गए धन के स्रोत की जांच

जांच एजेंसियां विदेश भेजी गई रकम के स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं। इसके साथ ही तीनों कंपनियों के निदेशकों की पहचान और उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।

अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में

पुणे पुलिस ने कथित धोखाधड़ी में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच भी शुरू कर दी है। मामले में सामने आने वाले दस्तावेज, विदेशी लेन-देन और संबंधित कंपनियों की वित्तीय गतिविधियों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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