पुणे मेट्रो फेज 2 (सौ. सोशल मीडिया ) 
पुणे

Pune Metro Phase 2 Project को मिली रफ्तार, 9,857 करोड़ की परियोजना बदलेगी शहर की ट्रांसपोर्ट तस्वीर

Pune Metro Phase 2 Project को मंजूरी मिलने के बाद काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। 31.6 किमी लंबे इस नेटवर्क से शहर के प्रमुख क्षेत्रों को जोड़कर ट्रैफिक और कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा।

अपूर्वा नायक

Pune Metro Phase 2 Project: शहर की बढ़ती आबादी और यातायात के भारी दबाव को देखते हुए पुणे मेट्रो फेज-2 परियोजना ने अब गति पकड़ ली है।

केंद्र और राज्य सरकार से मंजूरी मिलने के बाद इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह विस्तार पुणे की परिवहन व्यवस्था की तस्वीर पूरी तरह बदल देगा।

Pune Metro Phase 2 शहर के पूर्व, पश्चिम और दक्षिण हिस्सों को एक व्यापक नेटवर्क से जोड़ेगा। इसके तहत खडकवासला-स्वारगेट-हडपसर-खराड़ी और नल स्टॉप-वारजे-माणिकबाग जैसे प्रमुख कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जिसमें कुल 31.6 किलोमीटर लंबा मार्ग और 28 स्टेशन शामिल होंगे।

9,857 करोड़ रुपये की लागत में बेहतर कनेक्टिविटी

इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 9,857 करोड़ रुपये है, जिसे केंद्र, राज्य सरकार और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के सहयोग से पूरा किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, वनाज से चांदनी चौक और रामवाड़ी से वाघोली तक के 12.75 किमी लंबे विस्तार को भी इसमें जोड़ा गया है। Pune Metro Phase 2 के लागू होने से नगर रोड, करवे रोड, सिंहगढ़ रोड और सोलापुर रोड जैसे व्यस्ततम मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो जाएगा। यह विशेष रूप से खराड़ी जैसे आईटी हब और तेजी से बढ़ते आवासीय क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।

महत्वाकांक्षी परियोजना

  • रियल एस्टेट सेक्टर में भी उछाल देखा जा रहा है।
  • खडकवासला, खराड़ी और हडपसर जैसे क्षेत्रों में संपत्ति की मांग और कीमतों में वृद्धि हो रही है।
  • अगले 4 से 5 वर्षों में इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा है,
  • यह विस्तार पुणे की परिवहन व्यवस्था की तस्वीर पूरी तरह बदल देगा।

Pune Metro Phase 2 से ग्रीन ट्रांजिट और पर्यावरणीय लाभ

सरकारी अनुमानों के अनुसार, इस विस्तार के बाद मेट्रो यात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि होगी। पुणे मेट्रो फेज-2 को पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा रहा है, जहां इलेवट्रिक ट्रेनों और ऊर्जा दक्ष स्टेशनों के माध्यम से 'ग्रीन मोबिलिटी' को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, मेट्रो रूट के आसपास रियल एस्टेट सेक्टर में भी उछाल देखा जा रहा है।

खडकवासला, खराड़ी और हडपसर जैसे क्षेत्रों में संपत्ति की मांग और कीमतों में वृद्धि हो रही है। सरकार ने अगले 4 से 5 वर्षों में इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा है, जिसके बाद पुणे का कुल मेट्रो नेटवर्क 100 किमी से अधिक हो जाएगा। यह परियोजना न केवल ट्रैफिक का समाधान करेगी, बल्कि शहर के आर्थिक विकास को भी नई दिशा देगी।

  • खडकवासला-स्वारगेट-हडपसर-खराड़ी और नल स्टॉप-वारजे-माणिकबाग जैसे प्रमुख कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जिसमें कुल 31।6 किलोमीटर लंबा मार्ग और 28 स्टेशन शामिल होंगे।
  • विशेष रूप से खराड़ी जैसे आईटी हब और तेजी से बढ़ते आवासीय क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।

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