पुणे शराब केस में गिरफ्तार आरोपी (सोर्स: सोशल मीडिया) 
पुणे

पुणे शराब कांड में बड़ा खुलासा, ऑनलाइन मेथनॉल मंगाकर आरोपी योगेश वानखेड़े ऐसे बनाया था 'मौत का कॉकटेल'

Pune Liquor Case: महाराष्ट्र के पुणे और पिंपरी चिंचवड़ में जहरीली शराब पीने से 18 लोगों की मौत हो गई। मुख्य आरोपी योगेश वानखेड़े समेत 8 गिरफ्तार, लापरवाही के आरोप में 9 पुलिसकर्मी सस्पेंड।

आकाश मसने

Pune Liquor Case Methanol Mixed: महाराष्ट्र के पुणे और पिंपरी चिंचवड़ में जहरीली शराब पीने से मरने वालों का आंकड़ा बढ़ गया है। अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है। कुछ लोगों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है, उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। इस मामले में अपनी जान गंवाने वालों में 12 लोग पिंपरी चिंचवड़ के फुगेवाड़ी-दापोड़ी के हैं। जबकि पुणे के हडपसर में 6 लोगों की मौत हुई है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी योगेश वानखेड़े समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस की अब तक की जांच में सामने आया है कि आरोपी योगेश वानखेड़े ने ज्यादा मुनाफे के लालच में शराब में मेथनॉल मिलाकर बेचा था। इसके चलते लोगों की हालत बिगड़ी और अब तक 21 लोगों की मौत हुई। अब इस मामले की जांच क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) ने अपने हाथ में ले ली है।

मिलावट के लिए ऑनलाइन मंगवाता था मेथनॉल

पुलिस के मुताबिक, योगेश वानखेड़े राधेश्याम प्रजापति से 1900 रुपए प्रति 35 लीटर कैन के हिसाब से शराब खरीदता था। इसके बाद वह पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ी की कई दुकानों पर 2700 रुपए कैन के भाव से बेचता था। यही नहीं उसने मुनाफा बढाने के लिए ऑनलाइन मेथनॉल मंगवाया और शराब में मिलाना शुरू कर दिया। इससे शराब की मात्रा बढ़ गयी, लेकिन इसकी वजह से लोगों की जान चली गयी।

योगेश वानखेड़े अवैध शराब में पहले भी हुआ गिरफ्तार

योगेश वानखेड़े पहले भी अवैध शराब के कारोबार में जेल जा चुका है और उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। अब आबकारी और पुलिस टीम उसके पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं। सीएम के सख्त निर्देश के बाद कार्रवाई और तेज हो गयी है।

पुणे और पिंपरी चिंचवड़ के 22 कर्मी सस्पेंड

इधर इस घटना को लेकर आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सीएम देवेन्द्र फडणवीस ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार और पिंपरी चिंचवड़ पुलिस आयुक्त ने विनय कुमार चौबे ने इस मामले में लापरवाही बरतने वाले 9 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस के साथ-साथ महाराष्ट्र आबकारी विभाग के कुल 22 कर्मियों को नकली शराब की संदिग्ध अवैध सप्लाई को रोकने में नाकाम रहने के कारण सस्पेंड कर दिया गया है।

जहरीली शराब पीने से इन लोगों की गई जान

पुणे हड़पसर में मरने वालों में यशवंत रघुनाथ पवार, दत्ता माधवराव सूर्यवंशी, राहुल शरद क्षीरसागर, अरुण वामन डाडर, अशोक रमेश चव्हाण, विजय भुकरलाल शर्मा शामिल हैं। वहीं पिंपरी चिंचवाड़ में पांडुरंग सखाराम फुगे, राजेश शांताराम राजपूत, विजय प्रकाश राठौड़, राजेंद्र प्रकाश राठौड़, अकबर आजिमखान पठान, बाबा सय्यद अली शेख, आनंद काशीनाथ निकालजे, आनंद पांडेराव देसाई, भीमअन्ना बसअन्ना नागराल, अक्षय अशोक अवसरमल, सचिन रामचंद्र नेटके, सुरप्पा मणप्पा बंगारी की मौत हो चुकी है।

इस शराब कांड के अस्पताल में भर्ती है लोगों की भी हालात नाजूक बनी हुई है। इनमें सुभाष दिग्गिकर, चंदन कुमार, श्रीमंत कोली, जीतू शिवातपुरी, प्रकाश राठौड़ शामिल हैं।

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