पुणे शराब कांड में बड़ी कार्रवाई, 9 पुलिस अफसर सस्पेंड! CM फडणवीस ने दिए CID जांच के आदेश

Pune Liquor Case: पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में जहरीली शराब पीने से 16 लोगों की मौत हो गई। CM फडणवीस ने इसे हत्या बताते हुए CID जांच के आदेश दिए हैं। इस मामले में 9 पुलिसकर्मी सस्पेंड हो गए।
Pune Liquor Case 9 Police Officers Suspended
पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार (फाइल फोटो, सोर्स: सोशल मीडिया)
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Pune Liquor Case 9 Police Officers Suspended: पुणे और पिंपरी चिंचवड़ इलाके में जहरीली शराब से हुई मौतों ने पूरे महाराष्ट्र को हिला दिया है। दापोडी, फुगेवाड़ी, हडपसर और कालेपडल इलाके में जहरीली शराब पीने से 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग विभिन्न अस्पतालों में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस आयुक्तों को दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

पुणे और पिंपरी चिंचवड़ के 9 पुलिसकर्मियों को निलंबित

पुणे में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में पुलिस विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार और पिंपरी चिंचवड़ पुलिस आयुक्त विनय कुमार चौबे ने संयुक्त रूप से 9 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। इन अधिकारियों पर अवैध शराब कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई न करने और कर्तव्य में लापरवाही बरतने का आरोप है। पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर संजय मोगले, असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर हसीना सिकलगर, पुलिस सब-इंस्पेक्टर हसन मुलाणी को सस्पेंड कर दिया है। वहीं पिपरी चिंचवड़ पुलिस आयुक्त विनय कुमार चौबे ने 6 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है।

अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार

पुलिस विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक इस मामले में मुख्य आरोपी और देसी शराब विक्रेता योगेश वानखेडे को गिरफ्तार कर लिया है। उसके साथ अब तक कुल 8 लोगों की गिरफ्तारियां हो चुकी है। पुणे जिले में पिछले 48 घंटों में लगातार मौतें होने से प्रशासन में हड़कंप मच गया है। अस्पतालों में भर्ती कुछ मरीजों की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। अवैध शराब के पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए पुलिस और राज्य उत्पाद शुल्क विभाग ने संयुक्त जांच शुरू कर दी है। शहर के कई इलाकों में छापेमारी भी की जा रही है।

विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना

इधर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता और विधायक रोहित पवार ने हड़पसर स्थित कथित अवैध शराब बिक्री केंद्र पर समर्थकों के साथ पहुंचकर तोड़फोड़ की। वहीं कांग्रेस ने इसे सरकारी लापरवाही से हुई मौतें बताते हुए पुलिस और उत्पाद शुल्क विभाग पर मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। कांग्रेस ने सरकार से नैतिक जिम्मेदारी लेने की मांग भी की है।

मुख्यमंत्री ने दिए CID जांच के आदेश

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसे हत्या करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह केवल हादसा नहीं बल्कि संगठित अपराध है। जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले की जांच CID को सौंप दी गई है। राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यह फैसला लिया है। प्रारंभिक जांच में शराब में मिथेनॉल मिलाए जाने की आशंका जताई गई है। सीआईडी अब पूरे अवैध शराब नेटवर्क, सप्लाई चेन और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की विस्तृत जांच करेंगी।

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