पुणे में जहरीली शराब से 18 लोगों की मौत; अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार; CM फडणवीस बोले- यह हादसा नहीं, हत्या है

Pune Liquor Case: महाराष्ट्र के पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ में जहरीली शराब से 18 लोगों की दर्दनाक मौत, 8 आरोपी गिरफ्तार। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने सख्त एक्शन लेते हुए इसे हत्या का मामला बताया है।
Devendra Fadnavis On Pune Liquor Case
मीडिया से बात करते मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Devendra Fadnavis On Pune Liquor Case: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ में जहरीली शराब पीने से 18 लोगों की मौत पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने दोनों शहरों के पुलिस कमिश्नरों को दोषियों के खिलाफ सबसे सख्त कार्रवाई करने और किसी भी आरोपी को कोई रियायत नहीं देने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस मामले की पूरी जांच की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इस रैकेट में शामिल कोई भी व्यक्ति सजा से बच न पाए। उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य हादसा नहीं है, बल्कि इसे हत्या के मामले के रूप में देखा जा रहा है। आरोपियों के खिलाफ सबसे कठोर कानूनी धाराएं लगाई जाएंगी।

CM ने की पुलिस कमिश्नरों से बात

CM देवेंद्र फडणवीस ने यह भी पुष्टि की कि वह पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ के पुलिस कमिश्नरों के लगातार संपर्क में हैं। पुलिस ने उस स्थान का पता लगा लिया है, जहां कथित तौर पर मेथेनॉल जैसी जहरीली रसायनिक पदार्थ को मिलाकर शराब बनाई जा रही थी।

अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार

मुख्यमंत्री ने बताया कि पुणे में शराब से हुई मौतों के मामले में अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और बाकी लोगों की तलाश के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। अस्पतालों में भर्ती गंभीर मरीजों का सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ इलाज किया जा रहा है ताकि और मौतें रोकी जा सकें। CM फडणवीस ने कहा कि मैंने पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ के पुलिस आयुक्तों से बात की। उन्होंने उस जगह का पता लगा लिया है जहां यह पदार्थ बनाया गया था। अब तक 8 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं और आगे और गिरफ्तारियां होंगी। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। यह मामला वास्तव में हत्या जैसा है और इसमें बेहद सख्त धाराएं लगाई जा रही हैं। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

पुणे पुलिस ने शुरू किया निगरानी

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पुलिस ने तेज कार्रवाई शुरू कर दी है। पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने मौके पर पहुंचकर हड़पसर जैसे प्रभावित इलाकों में अभियान की निगरानी की। अवैध शराब नेटवर्क को खत्म करने के लिए पुलिस, राज्य आबकारी विभाग और फॉरेंसिक टीमों ने संयुक्त छापेमारी शुरू कर दी है। फॉरेंसिक जांच में आशंका जताई गई है कि करीब 215 लीटर जहरीला औद्योगिक मेथेनॉल देशी शराब में मिलाया गया था।

इस मामले में मुख्य आरोपी के रूप में एक कुख्यात शराब माफिया योगेश वानखेड़े पर भी जांच केंद्रित है, जिस पर पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर इस पूरे रैकेट के खिलाफ मजबूत कानूनी केस तैयार किया जा रहा है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com