पुणे एचसीएमटीआर परियोजना, प्रतीकात्मक तस्वीर फोटो सोर्स- AI
पुणे

पुणे HCMTR परियोजना को रफ्तार, PPP की जगह EPC मॉडल पर बनेगा ₹10,000 करोड़ का एलिवेटेड रूट, नवंबर में टेंडर

Pune Metro HCMTR Projects: पुणे मनपा ₹10,000 करोड़ की एचसीएमटीआर परियोजना को ईपीसी मॉडल पर बनाएगी। 10 अक्टूबर तक भूमि गिनती पूरी करने के बाद नवंबर के पहले सप्ताह में निविदाएं जारी होंगी।

रूपम सिंह

Pune Metro HCMTR Ring Road Link Projects: पुणे शहर की यातायात व्यवस्था को मजबूत करने वाली हाई कैपेसिटी मास ट्रांजिट रूट (एचसीएमटीआर) परियोजना को अब गति देने की तैयारी है।

पुणे मनपा ने इस परियोजना को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के बजाय इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मॉडल पर नियमित निविदा प्रक्रिया के जरिए पूरा करने का निर्णय लिया है।

परियोजना की अनुमानित लागत करीब 10 हजार करोड़ रुपये है। इसके लिए मनपा बजट, कर्ज, संपत्तियों के मुद्रीकरण तथा केंद्र और राज्य सरकार से मिलने वाली सहायता के विकल्पों पर विचार कर रही है।

मोनार्क कंसल्टेंट को भूमि अधिग्रहण की जिम्मेदारी: मनपा के सभागार नेता गणेश बिडकर ने बताया कि एचसीएमटीआर के मार्ग में आने वाली जमीन की संयुक्त गिनती का काम शुरू हो चुका है।

फिलहाल वडगांव शेरी और येरवडा क्षेत्र में गिनती की जा रही है। पूरे मार्ग की जमीन की गिनती 10 अक्टूबर तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद परियोजना के लिए कितनी जमीन का अधिग्रहण करना होगा, कौन-कौन से सर्वे नंबर प्रभावित होंगे और भूसंपादन पर कितना खर्च आएगा, इसका विस्तृत ब्योरा तैयार किया जाएगा।

परियोजना की तकनीकी डिजाइन और अलाइनमेंट का अध्ययन टीपीएफ कंसल्टेंट कर रहा है। वहीं मोनार्क कंसल्टेंट को भूमि अधिग्रहण से संबंधित काम सौंपा गया है।

फंडिंग की तैयारी में जुटी पुणे महानगरपालिका

बिडकर के मुताबिक, एचसीएमटीआर की लागत करीब 10 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। परियोजना में देरी होने पर लागत और बढ़ सकती है। इसलिए मनपा स्तर पर विभिन्न वित्तीय विकल्पों पर काम किया जा रहा है। इसमें पुणे मनपा के बजट से निधि उपलब्ध कराने के साथ कर्ज लेने, मनपा की संपत्तियों का मुद्रीकरण करने तथा केंद्र और राज्य सरकार से वीजीएफ यानी व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण हासिल करने के विकल्प शामिल है।

एचसीएमटीआर के मार्ग में रक्षा विभाग की नौ संस्थाओं की जमीन भी आती है। इन जमीनों से जुड़े मामलों के समाधान के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संयुक्त समिति गठित करने की योजना है। इसके अलावा एचसीएमटीआर, मेट्रो और रिंग रोड के आपस में जुड़ने वाले हिस्सों में यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए तकनीकी योजना तैयार की जा रही है।

नवंबर के पहले सप्ताह निविदा की जाएगी जारी

पुणे एचसीएमटीआर परियोजना के लिए करीब 1,500 करोड़ रुपये के कर्ज की व्यवस्था किए जाने के बाद निविदा प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। संशोधित डीपीआर के आधार पर नवंबर के पहले सप्ताह में दो पैकेज के लिए निविदाएं जारी करने का नियोजन है। हालांकि, मार्ग में आने वाली निजी जमीनों के अधिग्रहण के कारण करीब 500 परिवारों के पुनर्वास का मुद्दा सामने आया है। इनके पुनर्वास की प्रक्रिया और व्यवस्था को लेकर प्रशासन स्तर पर चर्चा जारी है।

पहले पैकेज में पु. ल. देशपांडे उद्यान से लुल्लानगर तक करीब 8 से 8.5 किलोमीटर का मार्ग शामिल होगा। यह मार्ग सिंहगढ़ रोड, सातारा रोड और बिबवेवाड़ी रोड से होते हुए लुल्लानगर तक जाएगा। प्रशासन के अनुसार, इस हिस्से में भूसंपादन से जुड़ी अड़चने अपेक्षाकृत कम है।

रिंग रोड और एचसीएमटीआर को जोडने वाली 6 मिसिंग लिंक में से कम से कम 4 को प्राथमिकता के आधार पर विकसित करने पर भी विचार चल रहा है। इन सभी बड़े प्रकल्पों से जुड़े अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री, दोनों उपमुख्यमंत्रियों, मुख्य सचिव और संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों वाली उच्चस्तरीय समिति के स्तर पर लिए जाएंगे।
गणेश बिडकर, सभागार नेता, मनपा

पश्चिमी चंपारण के बगहा में पहुंचे पप्पू यादव, बाढ़ पीड़ितों को बांटी राहत सामग्री; सरकार पर उठाए गंभीर सवाल

पहलगाम हमले का एक और आतंकी हाशिम मूसा ढेर, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने रखा था 20 लाख रुपये का इनाम

नेपाल की बाढ़ से यूपी-बिहार जलमग्न, चंपारण में 4 जगह टूटे तटबंध, इंद्रावती का जलस्तर 53 साल के रिकॉर्ड के पार

अरब सागर में तीन हजार करोड़ का ड्रग्स बरामद, इंडियन कोस्ट गार्ड के एक्शन में पांच पाकिस्तानी दबोचा गया

IMD Alert: दिल्ली-NCR से यूपी-बिहार तक बिगड़ेगा मौसम, 16 राज्यों में आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी