

Pune Municipal Corporation: तेजी से बढ़ते शहरीकरण, आबादी में वृद्धि और पुणे महानगरपालिका में 32 गांवों के शामिल होने के बाद शहर की पानी की जरूरत लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में पुणे की जलापूर्ति मुख्य रूप से खड़कवासला बांध श्रृंखला पर निर्भर है। इस निर्भरता को कम करने के लिए अब मुलशी बांध से पुणे की ओर पानी लाने की योजना पर कवायद शुरू की गई है।
मुलशी बांध से कुल 7 टीएमसी पानी पूर्व की ओर यानी पुणे की दिशा में उपलब्ध कराने को राज्य सरकार और टाटा कंपनी की ओर से सैद्धांतिक मंजूरी मिलने की जानकारी है।
इसमें पुणे के हिस्से में करीब 5 टीएमसी पानी उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। इसके लिए पुणे मनपा ने तकनीकी और आर्थिक व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
परियोजना की व्यवहार्यता जांचने के लिए मनपा की ओर से विशेषज्ञ सलाहकार नियुक्त किया जाएगा। इसके लिए करीब 3 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है। रिपोर्ट में मुलशी से पुणे तक पानी लाने का मार्ग, पंपिंग व्यवस्था, पाइपलाइन, अनुमानित लागत और परियोजना की तकनीकी एवं आर्थिक व्यवहार्यता का अध्ययन किया जाएगा।
जल संसाधन विभाग ने पुणे के लिए 14 टीएमसी पानी का कोटा मंजूर किया है। वहीं, शहर की मौजूदा वार्षिक पानी खपत करीब 22 टीएमसी तक पहुंच गई है। वर्ष 2052 तक पुणे की पानी की जरूरत बढ़कर 34.71 टीएमसी होने का अनुमान है। ऐसे में भविष्य की मांग पूरी करने के लिए नए जलस्रोत की जरूरत महसूस की जा रही है।
मुलशी बांध में करीब 18.47 टीएमसी उपयोगी जल भंडार है। यहां से लगभग 300 मेगावॉट बिजली का उत्पादन होता है, जबकि 1.65 टीएमसी पानी टनल परियोजना के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इन मौजूदा उपयोगों के बाद करीब 7 टीएमसी पानी पुणे की दिशा में उपलब्ध कराने की संभावना जताई गई है।
राज्य सरकार, जल संसाधन विभाग और टाटा कंपनी के बीच प्रस्ताव को लेकर बैठक होने की संभावना है। इसमें पुणे मनपा, पिंपरी-चिंचवड़ मनपा और पीएमआरडीए के बीच पानी के बंटवारे का सूत्र तय किया जा सकता है। इसके बाद परियोजना की लागत और संबंधित विभागों की जिम्मेदारियां स्पष्ट होने की उम्मीद है।