पुणे जिले में प्रशासनिक तैयारियाँ तेज उपजिलाधिकारी ज्योति कदम फोटो, सोर्स- सोशल मीडिया 
पुणे

Census 2027: जनगणना के लिए पुणे में रोडमैप तैयार, हर कर्मचारी की जवाबदेही हुई तय

Pune News: पुणे में जनगणना 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। पूरी तरह डिजिटल गणना होगी। प्रशासन ने हाउस लिस्टिंग, डेटा क्रॉस-वेरिफिकेशन, प्रवासी परिवारों की गणना और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की है।

रूपम सिंह

Digital Census India News:  देश के सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक और जनसांख्यिकीय अभियानों में से एक 'जनगणना 2027' को लेकर पुणे जिले में हलचल तेज हो गई है। जिले के प्रशासनिक ढांचे ने इस विशाल कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिए अपनी कमर कस ली है। सोमवार को निवासी उपजिलाधिकारी एवं जिला जनगणना अधिकारी ज्योति कदम की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के साथ ही इस अभियान का औपचारिक बिगुल बज गया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में जिले के सभी तहसीलदार, नगर परिषदों के मुख्याधिकारी और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की सहभागिता रही, जिसमें आगामी जनगणना के क्रियान्वयन के लिए एक व्यापक रोडमैप प्रस्तुत किया गया।

प्रभावी तरीके से होगा डेटा संकलन

इस बार की जनगणना इतिहास के पन्नों में अपनी एक अलग पहचान बनाने वाली है क्योंकि यह पूरी तरह से डिजिटल स्वरूप में आयोजित की जाएगी। 'हाउस लिस्टिंग' यानी घरेलू सूचीकरण के पहले चरण पर चर्चा करते हुए प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पारंपरिक कागजी कार्य प्रणाली को त्याग कर अब डिजिटल उपकरणों के माध्यम से डेटा संकलन किया जाएगा। इस तकनीक के उपयोग का मुख्य उद्देश्य डेटा में अधिकतम सटीकता, पारदर्शिता और गति लाना है। डिजिटल साधनों के प्रभावी इस्तेमाल और प्रगणकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई, ताकि तकनीकी बाधाओं को समय रहते दूर किया जा सके और एक सुव्यवस्थित तंत्र के जरिए जानकारी एकत्र की जा सके।

डेटा का क्रॉस-वेरिफिकेशन भी अनिवार्य किया गया

पुणे जिले के लिए यह जनगणना विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण और महत्वपूर्ण है, क्योंकि पिछले एक दशक में यहां शहरीकरण की रफ्तार अभूतपूर्व रही है। नए रिहायशी इलाकों का विस्तार और भौगोलिक सीमाओं में आए बदलावों को देखते हुए पुणे जिला जनगणना अधिकारी ज्योति कदम ने अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नई हाउसिंग सोसायटियों और वसाहतों की अचूक मैपिंग करने, शिक्षा और रोजगार की तलाश में पुणे आने वाले प्रवासी परिवारों का डेटा संकलित करने को प्राथमिकता देने के साथ ही यह बी सख्त निर्देश दिए कि डेटा संकलन में कोई भी व्यक्ति या परिवार गणना से न छूटे। इसके लिए जमीनी स्तर पर डेटा का क्रॉस-वेरिफिकेशन यानी भौतिक पड़ताल अनिवार्य होगी।

प्रत्येक कर्मचारी की जवाबदेही तय

  • इस महा-अभियान को सफल बनाने के लिए तहसील स्तर पर एक विशाल जनशक्ति की तैनाती की जा रही है। सभी तहसीलदारों और नगर परिषद अधिकारियों को प्रगणकों की अंतिम सूची जल्द से जल्द तैयार करने के लिए कहा गया है।
  • प्रशासन का मानना है कि जनगणना केवल एक सरकारी औपचारिकता नहीं, बल्कि भविष्य के विकास की नींव है। प्रत्येक कर्मचारी की जवाबदेही तय की गई है।
  • विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल के लिए एक विशेष हेल्पडेस्क बनाने का भी प्रस्ताव दिया गया है, जो तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान करेगा, चरणबद्ध प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित होंगे।

उपजिलाधिकारी ज्योति कदम ने बताया की पुणे प्रशासन द्वारा समय से पहले की गई ये तैयारियाँ निश्चित रूप से एक मिसाल कायम करेंगी। नई सोसायटियों की सटीक मैपिंग तथा प्रवासियों के डेटा संकलन में बरती गई सावधानी इस राष्ट्रीय स्तर के कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करेगी। डिजिटल पद्धति से होने वाली इस जनगणना से प्राप्त आंकड़े भविष्य की योजनाओं को अधिक प्रभावी, समावेशी और सटीक बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।

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